हज आवेदक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। हज पर जाने से 72 घंटे के अंदर कोरोना रिपोर्ट साथ लगानी होगी। हज पर जाने वाले मास्क व सैनिटाइजर का बराबर इस्तेमाल करना होगा। वहीं इस बार गर्भवती महिला और बच्चों को इस बार हज की इजाजत नहीं है।
जमीयत उलमा ए हिन्द शहर अध्यक्ष व नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने बताया कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार एक लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। इस बार 65 वर्ष की आयु से ऊपर, गर्भवती महिलाएं व बच्चों को हज पर जाने की अनुमति नहीं है।
हज कमेटी की ओर से एक बार हज यात्रा पूरी करने वाले जायरीन दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने केंद्र सरकार से हज फीस कम करने व हज यात्रा पर जाने के लिए उम्र सीमा खत्म करने की मांग की है। इसके लिए वो केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से भी मिल चुके हैं।
उन्होंने कहा देश में 60 व 65 साल के बाद ही लोग हज पर जाने की रुचि रखते हैं, लेकिन इस नियम के बाद मेरठ से बहुत कम आवेदन हुए हैं। हर साल 25 सौ से 3 हजार आवेदन होते थे। जिनमें से 12 से 15 सौ लोगों को अनुमति मिलती थी, लेकिन नए नियमों के कारण मेरठ से आंकड़ा अब एक हजार पहुंचेगा। उन्होंने आवेदन करने वालों से कोरोना से बचाव की अपील की है। अभी हज पर जाने की तिथियों की घोषणा नहीं हुई है।
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