विद्युत लाइन का निर्माण शुरू कराने पहुंचे पुलिसकर्मी एवं विद्युत निगम के अधिकारी।
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खरखौदा। हापुड़ से जागृति विहार विस्तार योजना के लिए 220 केवी की लाइन का निर्माण बुधवार को गांव धनतला निवासी किसान ने जमीन के मुआवजे के विवाद को लेकर रुकवा दिया। हालांकि बाद में डीएम के आदेश के पुलिस फोर्स की मौजूदगी में निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
हापुड़ से जागृति विहार विस्तार योजना के लिए 220 केवी बड़ी लाइन का निर्माण जारी है। इससे जागृति विहार, मेडिकल कॉलेज एवं लोहियानगर समेत संबंधित क्षेत्रों में लो वोल्टेज एवं अघोषित कटौती की समस्या से छुटकारा मिलेगा। जिसमें 26 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन का करीब 95 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। इस समय मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर ग्राम धनौटा में रेलवेे लाइन के ऊपर से विद्युत लाइन का तार खींचा जाना था। जिस जमीन पर टावर लगना था उसका स्वामी गांव धनौटा निवासी किसान ब्रह्मपाल को फसल का मुआवजा पहले ही मिल चुका है। विभाग ने रेलवे लाइन के ऊपर से तार खींचने के लिए रेलवेे से तीन घंटे के लिए अनुमति ले रखी थी। जिसके लिए बुधवार को तीन घंटे के लिए ट्रेनों का आवागमन तथा रेलवे की विद्युत आपूर्ति बंद रही। विद्युत ट्रांसमिशन निगम की टीम कार्य करने के लिए मौके पर पहुंची। यहां पर किसान ब्रह्मपाल ने जमीन के मुआवजे का मामला उठाकर कार्य रुकवा दिया। इस पर विद्युत निगम की टीम पहले ही डीएम के आदेश पर पुलिस फोर्स साथ लेकर गई थी। वहां पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्य कराया गया। किसान ने विद्युत निगम की टीम पर बिना मुआवजे जबरन लाइन निर्माण करने का आरोप लगाया।
रेलवेे से यहां पर तीन घंटे का ब्लॉक लिया गया था। जिसमें तीन घंटे तक सभी ट्रेनों का संचालन एवं रेलवेे की विद्युत आपूर्ति दोनों बंद रहीं। विद्युत निगम के कर्मचारियों को तीन घंटे में ही कार्य पूरा कराना था। इसलिए पुलिस की देखरेख में कार्य किया गया। वहीं, जिस जमीन पर विद्युत टावर लगा है उस पर दो किसान अपना हक जमा रहे हैं। दोनों का वाद न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्णय के बाद ही जमीन का मुआवजा मिलेगा। -राहुल नंदा, अधिशासी अभियंता विद्युत ट्रांसमिशन