मवाना। आर्यिका रत्न गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का ससंघ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। नगर के बाहर से ही श्रद्धालु उनको बैंडबाजों के साथ जुलूस के रूप में लेकर मवाना पहुंचे। जहां उनका ससंघ स्वागत किया गया।
आर्यिका रत्न गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी पांच साल नासिक में बिताने के बाद हस्तिनापुर की तपोभूमि पर पहुंचने के लिए परीक्षितगढ़ आईं। तत्पश्चात शुक्रवार शाम मवाना में मंगल प्रवेश होने के बाद जैन समाज के अनुयायियों ने उनका भव्य स्वागत कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने मंदिर में आरती कराई। माताजी पालकी में सवार थी, जबकि उनकी बहन चंदनामती माताजी संघ के साथ पैदल चल रही थीं। शुक्रवार को ज्ञानमती माता ने नगर स्थित जैन मंदिर में रात्रि विश्राम किया और मंगल प्रवचन किए। जयप्रकाश जैन ने बताया कि सुबह आहार लेने के बाद माताजी का ससंघ हस्तिनापुर के प्रस्थान करेगा। इस मौके पर डॉ. अशोक जैन, हिमांशु जैन, मुकेश जैन, शिवम जैन, राजेंद्र, जयप्रकाश, विनय, पारस जैन, प्रवीण कुमार, सुरेंद्र कुमार, धर्मवीर जैन, शोभित जैन, सुधांशु, मुकेश जैन आदि मौजूद रहे।