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मेरठ: गुरनाम सिंह चढूनी बोले- हाथ जोड़ने से कोई नहीं देता, अपने अधिकार के लिए लड़ना पड़ता है

Sun, 24 Sep 2023 04:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र के कसेरूबक्सर स्थित एक फार्म हाउस में भारतीय किसान यूनियन चढूनी का विस्तार किया गया। कार्यक्रम में भाकियू चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सरदार गुरनाम सिंह चढूनी भी उपस्थित हुए और लोगों को संबोधित करते हुए आगामी 23 नवंबर को रैली में आने की बात कही। 
 
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सरदार गुरनाम सिंह चढूनी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मेरठ के गंगानगर कसेरूबक्सर स्थित श्री श्याम फार्म हाउस में भारतीय किसान यूनियन चढूनी का संगठन विस्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हाथ जोड़ने से अपना हक नहीं मिलता, हमें अपने अधिकार के लिए लड़ना पड़ता है। इस दौरान उन्होंने गन्ना भुकतान, एमएसपी आदि पर चर्चा की। यह कार्यक्रम आशीष तेवतिया, नवनियुक्त  महिला मोर्चा की पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष आयुषी सिंघु तेवतिया द्वारा कराया गया।
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कार्यकर्ताओं व किसानों को संबोधित करते हुए सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पहली बार मेरठ की क्रांति धरा के दर्शन हुए हैं। मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में कई सरकार आईं और गईं, सभी ने वादे किए। परंतु किसान, मजदूरों की हालत पहले भी वही थी और अभी भी वही है, उनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आया। हर रोज किसान कर्ज, फसल बरबाद के चलते आत्महत्या कर रहा है। आने वाले युवा बेरोजगारी की ओर जा रहे हैं। हमारा संगठन किसानों की समस्याओं के लिए लगातार लड़ रहा है। सरकार नई-नई स्कीम के तहत किसानों, ग्रम पंचायतों की भूमि प्राइवेट कंपनियों, पूंजीपतियों के हाथ में दे देना चाहती है। इस तरह से आने वाले समय में किसान और भी ज्यादा स्थिति बिगड़ जाएगी।
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यूपी की मिलों पर 5 हजार करोड़ बकाया
राष्ट्रीय अध्ययक्ष चढूनी ने कहा कि यूपी में 14 चीनी मिल हैं जिन पर पिछले वर्ष का 5 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा गन्ना भुकतान बकाया चल रहा है। सरकार भी इसकी ओर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये माफ कर देती है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। परंतु किसानों से पाई-पाई ले लिया जाता है। 

किसान की समस्याओं को उठा रहे
उन्होंने कहा भारतीय किसान यूनियन चढूनी किसानों की वास्तविक समस्याओं को उठाने का काम कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार भी किया जा रहा है। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ें और किसान, मजदूरों की समस्याओं को सरकार के सामने लाने का काम करें।
 
23 नवंबर को बड़ी रैली
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी 23 नवंबर को बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। उस रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे और सरकार को किसान एकता और ताकत दिखाएं, जिससे वह आने वाले चुनावों में किसानों के हितों को सबसे उपर रखे।
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