मेरठ। लिसाड़ीगेट में ईदगाह कॉलोनी के पते पर फर्जी फर्म बनाकर कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाते हुए 1.67 करोड़ की जीएसटी चोरी की गई। राज्य कर अधिकारी अभिनव श्रीवास्तव ने फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाने में दर्ज शिकायत में राज्य कर अधिकारी ने बताया कि जीएसटी पोर्टल पर एसआर इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म पंजीकृत है। इसकी संचालक शहरीन नाम की महिला को दिखाया गया है। तीन जुलाई को फर्म की जांच की गई तो पोर्टल पर घोषित पते ईदगाह कॉलोनी में फर्म नहीं मिली। पोर्टल पर अपलोड किरायेनामे में भवन स्वामी मोहम्मद सईद के नाम का बिजली का बिल संलग्न है। भवन स्वामी से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि फर्म कुछ माह चलने के बाद किरायेदार भवन खाली करके चले गए थे। पोर्टल पर दर्ज एक मोबाइल नंबर काम नहीं कर रहा है। दूसरे पर कॉल रिसीव नहीं की जा रही है।
फर्म कॉपर, लोहे, एल्युमिनियम स्क्रैप और सीमेंट व टीएमटी बार के लिए पंजीकृत है। फर्म का डेटा खंगाला गया तो पता चला कि फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4.97 करोड़ की खरीद की गई। इसकी 89.47 लाख की जीएसटी बैठती है। फर्म ने आसाम के गुवाहटी स्थित सुनील इंटरप्राइजेज और वेद इंटरप्राइजेज के नाम से ई-बिल जारी किए, जबकि अधिकारियों ने इन दोनों फर्मों को पहले ही बोगस घोषित कर रखा है। ऐसे में एसआर इंटरप्राइजेज से फर्जी बिल जारी किए जा रहे हैं। किसी माल की सप्लाई नहीं की जा रही है। फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 8.62 करोड़ की फर्जी सप्लाई दिखाकर इससे करीब 1.67 करोड़ की जीएसटी की है। सीओ कोतवाली अंतरिक्ष जैन ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।