मेरठ में न्यायिक रिमांड मजिस्ट्रेट (सीजेएम प्रथम) जयवीर सिंह ने 44 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी नरेश कुमार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गाजियाबाद के संजय नगर निवासी नरेश कुमार पर जीएसटी चोरी के लिए फर्जी फर्मों के नाम पर बिलिंग का आरोप है। इस मामले में जीएसटी विभाग की ओर से गठित जांच टीम ने मेरठ और गाजियाबाद में फर्जी फर्मों का सत्यापन किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नरेश कुमार ने मैसर्स आरपी स्टील एंड आयरन ट्रेडर्स के नाम से फैक्टरी बना रखी थी। विभाग को सूचना मिली कि आरोपी द्वारा टैक्स चोरी किया जा रहा है।
इस पर सेंट्रल जीएसटी कमिश्नर आलोक झा के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा था। इसमें पता चला था कि इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर बड़े स्तर पर जीएसटी चोरी की गई। जांच टीम ने बुधवार शाम आरोपी को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जीएसटी विभाग के मुताबिक बीते तीन साल में हजारों करोड़ की कर चोरी हो चुकी है। मास्टर माइंड नरेश ने सिर्फ गाजियाबाद की 40 फर्मों को 284 करोड़ रुपये की बिलिंग की। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि नरेश ने मेरठ सहित अन्य जगहों पर फर्मों को दर्शाकर बिलिंग की गई। कोरोना महामारी के कारण कुछ बिंदुओं की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसके बाद और खुलासा हो सकेगा।