मेरठ। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी 31 अक्तूबर तक ब्याज में छूट का लाभ ले सकते हैं। उन्हें व्यापार कर मूलधन जमा करने पर ब्याज में राहत मिलेगी।
वाणिज्य कर विभाग ने ब्याज माफी योजना के तहत व्यापार कर, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर और मनोरंजन कर के बकाएदार व्यापारियों को छूट दी है। इसके तहत 10 लाख रुपये तक के बकाएदार को संपूर्ण धनराशि जमा करने पर ब्याज में 75 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 10 लाख से एक करोड़ तक के बकाएदार को पूरी धनराशि जमा करने पर ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। एक से पांच करोड़ रुपये तक के बकाएदार को संपूर्ण धनराशि जमा करने पर 20 फीसदी ब्याज की माफी मिलेगी। पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाएदार को 10 फीसदी ब्याज की छूट मिलेगी।
जिले में दस लाख रुपये से कम वाले करीब दो हजार बकाएदार हैं। जिन्हें इस योजना के तहत 75 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडेय ने बताया कि व्यापारियों से निर्धारित समय के अंदर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी। वाणिज्यकर विभाग ने बकाएदार करदाता व्यापारियों के लिए ब्याज माफी योजना लागू की है। ये 31 अक्तूबर 2020 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
तारीख बढ़ने से व्यापारी खुश
मेरठ। वित्त वर्ष 2018-19 का वार्षिक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न भरने की समयसीमा दो महीने बढ़ा दी गई है। अब यह सालाना जीएसटी रिटर्न 31 दिसंबर तक भरा जा सकता है। इससे व्यापारी खुश हैं। मेरठ में ऐसे करीब 13 हजार व्यापारी हैं जिन्हें यह रिटर्न भरना अनिवार्य है। वैसे, जिले में करीब 50 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं।
व्यापारी कर रहे थे मांग
लॉकडाउन और विभिन्न पाबंदियों के चलते सामान्य परिचालन कर पाना संभव नहीं हुआ। इसी आधार पर व्यापारी समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी।-अजय गुप्ता नटराज, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ
सरकार का सराहनीय कदम
जीएसटी में रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाना सरकार का अच्छा कदम है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी।-नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ
कम होगी व्यापारियों की परेशानी
महामारी के चलते वार्षिक जीएसटी रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ाए जाने की काफी समय से मांग की जा रही थी। इससे कोरोना काल में व्यापारियों की परेशानी कम होगी।-कमल ठाकुर, व्यापारी
वर्जन
जीएसटी कानून के तहत वार्षिक ऑडिट फॉर्म जीएसटीआर 9 सी उन व्यक्तियों के लिए है जो किसी विशेष वित्तीय वर्ष में दो करोड़ से अधिक का कारोबार करते हैं।-संजीव गुप्ता, टैक्स अधिवक्ता