जीएसटी विभाग की टीम ने हापुड़ रोड स्थित होटल सहारा फार्म में छापा मारकर बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा किया है। फार्म संचालक कारोबारी ने एक साल में 1.98 लाख का टर्नओवर दर्शाया था, जबकि दो वैवाहिक सीजन छह माह में ही 60 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया गया है। मंडप से मिली डायरी से इस बात का खुलासा हुआ।
वैवाहिक सीजन शुरू होने से पूर्व जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी कर रहे विवाह मंडपों पर कार्यवाही शुरू कर दी है। संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी 2024 से मार्च 2024 तक मंडप में 36 बुकिंग आईं। जांच के दौरान व्यापारी ने स्वीकार किया कि 80 हजार से एक लाख रुपये तक प्रति बुकिंग चार्ज लिया जाता है।
इसके अलावा अप्रैल 2024 से जून 2024 तक 34 विवाह आदि मांगलिक आयोजनों की बुकिंग हुई। व्यापारी के द्वारा कागजों में 5 से 10 प्रतिशत के बीच बुकिंग घोषित कर टैक्स दिया जा रहा था। कागजों को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी के साथ टीम में उपायुक्त जितेंद्र आर्य, सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार, राज्यकर सहायक आयुक्त विनय कुमार शुक्ला, राज्य कर अधिकारी रोहित गुप्ता, राज्य कर अधिकारी दिव्या बेनीमाधव आदि अधिकारी रहे।
2019 से चल रहा मंडप, शून्य भी दिखाई आय
मंडप के रजिस्ट्रेशन के अनुसार 2019 से यह संचालित है। अधिकारियों ने बताया कि मंडप से कारोबारी ने छह वर्ष में करोड़ों का कारोबार किया है। कुछ वर्ष में आय शून्य तक दिखाई गई है। अपर आयुक्त ग्रेड प्रथम हरिराम चौरसिया और अपर आयुक्त ग्रेड-2 रविराज प्रताप मल्ल के निर्देश पर आगे भी मंडपों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
सीजन में दो हजार से अधिक विवाह और करोड़ों की टैक्स चोरी
शहर में 400 विवाह मंडप, मैरिज होम और होटलों में एक सीजन में दो हजार से अधिक विवाह समारोह होते हैं। औसतन एक मंडप की बुकिंग 1 लाख से 5 लाख के बीच होती है। ऐसे में मंडप, होटल व्यापारी 60 करोड़ से अधिक का कारोबार करते हैं। हालांकि टैक्स छिपाते हुए सीजन में कई मंडपों में पांच से दस विवाह दिखाकर करोड़ों की टैक्स चोरी करते हैं।