होटल क्रोम में कार्रवाई करती जीएसटी विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
जीएसटी विभाग के विशेष दल ने शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित होटल क्रोम में सर्वे कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले। होटल संचालक द्वारा टर्नओवर छिपाकर कारोबार करने सहित अन्य अनियमितताओं के कारण यह सर्वे किया गया। फर्म की पोर्टल से जांच कराने पर भी कई खामियां मिली हैं। होटल संचालक की ओर से कंप्यूटर के साथ ही हाथ की बिलिंग भी की जा रही थी। सत्र 2019-20 और 2020-21 का टैक्स जमा नहीं किया गया। वहीं, संयुक्त व्यापार संघ और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस सर्वे का विरोध किया।
जीएसटी विभाग के रेंज-ए के डीसी गौरव प्रताप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर मनीषा शुक्ला और रेंज-बी के ज्वाइंट कमिश्नर राजकुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में विशेष दल ने शाम 4:30 बजे होटल क्रोम में यह सर्वे किया। अधिकारियों ने होटल में पहुंचकर विभिन्न दस्तावेज खंगाले और कंप्यूटर के रिकार्ड की जांच की। इस दौरान कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। वहीं, इस सर्वे की सूचना मिलने पर संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष गौरव शर्मा भी पहुंच गए। व्यापारी नेताओं ने इस सर्वे का विरोध किया।
ज्वाइंट कमिश्नर मनीषा शुक्ला ने बताया कि होटल क्रोम की ओर से सालाना टर्नओवर कम दिखाया जा रहा था। बिलिंग प्रक्रिया हाथ से भी की जा रही थी। आईटीसी में भी बहुत सी अनियमितताएं पाई गईं। घोषित टर्नओवर और दिए गए टैक्स में भी कई तरह की खामियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि फर्म की ओर से 2019-20 और 2020-21 में टैक्स नहीं दिया गया। आईटीसी से टैक्स को समायोजित किया गया। दो माह में विभिन्न जांच के बाद सभी कमियां सामने आईं। होटल से विभिन्न दस्तावेज एकत्रित किए गए हैं।
उधर, होटल संचालक गौरव नारंग ने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज सौंप दिए गए हैं। पोर्टल पर जांच के आधार पर कुछ कमियां सामने आई हैं। औपचारिकताएं पूरी कर इनमें भी सुधार किया जाएगा।