जीएसटी के खिलाफ ट्रांसपोर्टर अब आंदोलन पर उतर आये हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर मेरठ के ट्रांसपोर्टरों ने सोमवार से दो दिवसीय चक्का जाम में हिस्सा लिया। इस दौरान मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट नगर में सभी प्रतिष्ठान बंद कराने के साथ ट्रकों को बाहर नहीं जाने दिया और न ही बुकिंग की।
मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि हमारा व्यवसाय काफी निचले स्तर पर जा चुका है। जिस प्रकार किसान कर्ज में डूब हुआ है उसी तरह ट्रांसपोर्टर भी कर्ज में डूब चुका है। आये दिन सरकार डीजल के दाम बढ़ा देती है। इससे भाड़े का सही अंदाजा नही लग पाता। इससे नुकसान उठाना पड़ता है। जीएसटी की बात करे तो जब ट्रांसपोर्टर सारे टैक्स (रोड टैक्स, परमिट टैक्स, इंश्योरेंस, टोल टैक्स) देता है तो उस पर जीएसटी का भार क्यों लादा जा रहा है। हम लोगों के व्यापार में कोई उत्पादन नहीं है। खरीद और बेच नहीं है। न ही किसी प्रकार की ट्रेडिंग है। सिर्फ सेवा देते हैं, जिस प्रकार डॉक्टर सर्विस देते हैं। जब उन पर जीएसटी नहीं है तो हम पर क्यों थोपी जा रही है। इस दौरान महामंत्री दीपक गांधी, देव चरण सैन, बंटी शर्मा, शिवम विनायक, पम्मी शर्मा, पंकज अनेजा, राकेश विज, मनीष जेन, राजू रहलन, सुरेंद्र शर्मा, संजू मित्तल, योगराज धींगड़ा, सरदार खेता सिंह, अशोक विनायक, सतीश मनचंदा, हरेंद्र चौधरी, दीपक गुप्ता, अशोक शर्मा, आदि मौजूद रहे।
आज देंगे पीएम के नाम ज्ञापन
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल दो दिन के लिए है। मंगलवार को ट्रांसपोर्टर जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट जाएंगे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे।