अपराध की दुनिया में रखते हैं कदम
मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य एवं बाल अपराध विशेषज्ञ संदीप कुमार बंसल के अनुसार पति-पत्नी के संबंध विच्छेद के बाद अधिकांश बच्चे जरायम की दुनिया में चले जाते हैं। इसका प्रमुख कारण माता-पिता का प्यार न मिलना है। माता-पिता संयुक्त रूप से बच्चे को पालें तो बच्चा सही राह पर चलता है।
नकारात्मक असर, अवसाद का कारण
मनोविज्ञानी डॉ. कशिका जैन कहती हैं कि सिंगल पैरेंट वाले बच्चे की मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है। मम्मी-पापा को अलग होता देख बच्चा डर, सहम जाता है। विवाद देखकर लंबे समय के लिए डिप्रेेशन में चला जाता है। उसकी रचनात्मकता खत्म हो जाती है। ये तनाव किसी बीमारी या गलत आदत का रूप भी ले सकती है।
सामाजिक तंत्र पर विपरीत असर
मनोविज्ञान में गोल्ड मेडलिस्ट फाल्गुनी कहती हैं बच्चे के जीवन में माता-पिता दोनों का प्यार अहम है। भारतीय परिवारों की परिकल्पना तभी पूर्ण होती है, जब बच्चे को माता-पिता का संयुक्त स्नेह मिले। माता-पिता में तलाक, संबंध विच्छेद और विवाद के कारण यह संभव नहीं होता। इसका असर बच्चे के साथ पूरे समाज पर होता है।