फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्राउंड रिपोर्ट: दम तोड़ रही 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना', जानिए, इन गरीब परिवारों का हाल

Mon, 02 Jul 2018 11:25 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
चूल्हे पर रोटी बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बागपत में गरीब परिवारों की महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए तैयार की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना धरातल पर दम तोड़ती दिख रही है। वजह है कि जिन परिवारों को योजना का लाभ मिला, अब उन्हें सिलेंडर रीफिल कराने में पसीने छूट रहे हैं। महंगाई के चलते यह परिवार नियमित रूप से सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। ऐसे भी परिवार हैं, जो गैस बचाने के लिए रोटी चूल्हे पर बनाते हैं और चाय गैस पर बनाते हैं। कुछ परिवार शाम का भोजन चूल्हे पर बनाते हैं और बाकी काम गैस पर कर रहे हैं।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आर्थिक रुप से कमजोर घरों में गैस सिलेंडर तो पहुंचे, लेकिन चूल्हे अभी तक जल रहे हैं। योजना का पहला उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा और दूसरा स्वस्थ ईंधन के प्रयोग को बढ़ावा देना था, लेकिन बागपत में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। जिले में अब तक 23500 बीपीएल परिवार की महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरित किए हैं। जिला मुख्यालय से सटे हमीदाबाद गांव की हनीफा कहती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए बार-बार सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। जब रुपये होते हैं, तब भरवा लेते हैं। सिलेंडर खाली रखा है और चूल्हे पर परिवार के लिए रोटियां बन रही हैं। यानि योजना यहां पर दम तोड़ती दिखती है। इसी गांव की संजीदा कहती हैं कि गैस महंगी है। बार-बार कैसे भरवा सकते हैं। कोशिश करते हैं कि अधिकतर काम चूल्हे पर कर लिया जाए, ताकि एक बार गैस सिलेंडर भरवाने के बाद यह कई महीने तक चलें। नया गांव हमीदाबाद के 40 से अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिला है, हर घर में यही कहानी दिखती है।

गैस बचाने के लिए फूंक रही हैं चूल्हा
बीपीएल परिवारों की महिलाओं को योजना से गैस सिलेंडर मिल गया, लेकिन अब भी चूल्हे जल रहे हैं। वजह है यहां गैस बचाने की जद्दोजहद हैं। देहात क्षेत्र के अधिकतर परिवार शाम का खाना गैस के बजाए चूल्हे पर ही करते हैं। अंगीठी जलाई जाती है। स्टोव भी कहीं नजर आते हैं, इसके अलावा यह परिवार बिजली आते ही हीटर पर भी खाना बनाते हैं, ताकि गैस की बचत की जा सके। सुबह के समय भी अगर बिजली होती है तो नाश्ता हीटर पर बनता दिख जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

30 एजेंसी और 23500 उज्ज्वला कनेक्शन

गैस सिलेंडर - फोटो : अमर उजाला
जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्म बताते हैं कि जिले की 30 गैस एजेंसियों से बीपीएल परिवार की महिलाओं को अब तक 23500 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। समय-समय पर पात्र महिलाओं का चयन किया जाता है।

लाभार्थियों पर उठाए सवाल, होगी जांच
नया गांव हमीदाबाद की महिलाओं ने कहा जिले में  कुछ ऐसे परिवारों को लाभ दिया है, जो पात्र नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा कहते हैं कि इसकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी अपात्र को कनेक्शन मिल गया है तो इसे निरस्त कराया जाएगा। हालांकि पूरी जांच के बाद ही कनेक्शन दिए जाते हैं।

महिलाओं और बच्चों के लिए योजना
एसडीएम विवेक कुमार यादव ने कहा उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य कि भी सुरक्षा कि जा सकती है। अशुद्ध जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करना और शुद्ध ईंधन के उपयोग को बढ़ाकर प्रदूषण में कमी लाना भी योजना के प्रमुख लक्ष्यों में से एक हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें