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ग्राउंड रिपोर्ट: दलितों का ऐलान, चंद्रशेखर भाई के लिए दे देंगे जान, मगर वोट सिर्फ बहनजी को देंगे

Sat, 22 Sep 2018 02:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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जेल से रिहा होने के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। यही नहीं बल्कि तमाम राजनीतिक दलों की नजर उन पर टिकी है। दिल्ली सरकार तक के मंत्री उनसे आकर मिले हैं। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और अन्य दलों के नेता उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मीडिया चंद्रशेखर के राजनीतिक कनेक्शन को तलाश रहा है। अटकलों और अफवाहों के बीच शब्बीरपुर के पीड़ितों पर चंद्रशेखर का कितना और क्या असर है?

फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसकी पड़ताल के लिए अमर उजाला की टीम शुक्रवार को शब्बीरपुर गांव पहुंच गई। ग्रामीणों ने हर मुद्दे पर अमर उजाला से खुलकर बात की। चंद्रशेखर और मायावती में से किसी एक को चुनने के सवाल पर उनका साफ कहना था कि उनका हर तरह का सपोर्ट चंद्रशेखर के साथ है, मगर वोट बहनजी का ही रहेगा।

फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 12:40 बजे जब अमर उजाला की टीम गांव शब्बीरपुर पहुंची तो गांव के अनुसूचित जाति के लोग चौपाल पर बैठे मिले। अमर उजाला का पहला सवाल यह था कि चंद्रशेखर आपके लिए जेल काटकर आया है और आपके हितों के लिए लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे हालात में यदि वह बसपा को छोड़कर किसी अन्य दल या निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ता है तो क्या आप उसको वोट करेंगे? तपाक से कई लोग बोले, भाई साहब हमारा मरना और जीना बहनजी के साथ है।

चंद्रशेखर उर्फ रावण - फोटो : अमर उजाला
चंद्रशेखर हमारा भाई है, हम उसके लिए जान दे सकते हैं। वह समाज की लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे में उसे तन, मन और धन से सपोर्ट करेंगे, मगर वोट बहनजी को ही जाएगा।

चंद्रशेखर उर्फ रावण - फोटो : अमर उजाला
श्रीकांत का कहना था कि बहनजी अनुसूचित जाति के लोगों की शान और अभिमान हैं। उनसे अलग होकर हमारा राजनीतिक अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।

चंद्रशेखर ऊर्फ रावण - फोटो : अमर उजाला
मीर सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर समाज की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा कि यदि चंद्रशेखर बसपा के अलावा किसी अन्य पार्टी को सपोर्ट करेगा तो उसकी ताकत आधी हो जाएगी। अमर कुमार का कहना है कि चंद्रशेखर को राजनीति से दूर रहना चाहिए।
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चंद्रशेखर उर्फ रावण - फोटो : अमर उजाला
उसे केवल सामाजिक लड़ाई लड़नी चाहिए। यदि वह बहनजी के खिलाफ खड़ा होगा तो ठीक नहीं रहेगा। आंगन की लिपाई करती मिली रीना का भी दो टूक यही कहना था कि चंद्रशेखर उनका भाई है, जिस पर उन्हें गर्व है, मगर उनके लिए सबसे पहले बहनजी ही हैं और वोट भी बहनजी को ही देंगी।

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