कश्मीर में पत्थरबाजी करने मामले में जिन संदिग्ध युवकों के नाम सामने आए है, उनमें दो पंकज और बबलू गांव जुडी के रहने वाले हैं। पंकज के घरवालों ने बताया कि पंकज और बबलू छह दिन पहले ही गांव में आए है। उनके साथ वहां क्या घटना हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बबलू के पिता नाथीराम ने बताया कि बबलू पर पिछले दिनों कर्ज हो गया था, उसे बड़ौत का एक ठेकेदार ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में स्थित एक सिलाई फैक्ट्री में 20 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने की बात कही थी। पंकज और बबलू उसकी बातों में आ गए। तीन माह पहले वह वहां गए थे। बबलू घर आया तो उसने सिर्फ यह बताया है कि वहां हमसे पत्थरबाजी करने की बात कही थी जिससे हमने इनकार कर दिया था।
लश्कर ए तैयबा से जुड़ा था मुजफ्फरनगर का युवक
पिछले साल भी कश्मीर के आतंकियों का वेस्ट यूपी से लिंक सामने आया था। जुलाई 2017 में अनंतनाग में लश्कर ए तैयबा के आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद मुस्तफाबाद मुजफ्फरनगर निवासी संदीप शर्मा उर्फ आदिल को गिरफ्तार किया गया था। संदीप वेल्डर की नौकरी करने कश्मीर गया था और धर्म परिवर्तन कर एक मुस्लिम महिला से शादी कर ली थी। वह लश्कर ए तैयबा से जुड़ गया था।
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