किसी भी विभाग में तैनात अधिकारी और कर्मचारी अब अपनी शिकायत सीधे शासन तक पहुंचा सकेंगे। शासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वो अप्रैल में एक कार्य दिवस को स्टाफ डे के रूप में मनाएं। इस दौरान संबंधित विभाग के अध्यक्ष एवं नोडल ऑफिसर स्टाफ की समस्या सुनेंगे। इन शिकायतों को सीधे मुख्यालय में भेजा जाएगा। इसके बाद हर विभाग की शिकायतों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। शासन की तरफ से सचिव बी. हेकाली झिमोली ने स्टाफ डे मनाने का आदेश जारी कर दिया है।
पद्माकर सिंह महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा ने सभी जिलों के सीएमओ, सीएमएस के साथ ही एडी को पत्र लिखकर स्टाफ डे मनाने को कहा है। आदेश दिया है कि वो 17 से 21 अप्रैल के बीच किसी भी एक कार्यदिवस को चुन लें। इसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को दर्ज किया जाए। समस्या दर्ज कराने के लिए प्रारूप भी जारी किया गया है। कुल मिलाकर तीन प्रारूप जारी किये गए हैं, जिसमें एक उस व्यक्ति के लिए जो अपनी शिकायत एवं समस्या को दर्ज करा सकता है। दूसरा प्रारूप संबंधित विभाग को नोडल अधिकारी जैसे सीएमओ व सीएमएस के लिए है, जो सभी की शिकायत को लेकर उसको भरकर भेजेंगे। तीसरा प्रारूप मुख्यालय स्तर के लिए है।
पूरा ब्योरा होगा दर्ज
स्टाफ डे पर अधिकारी और कर्मचारी को एक खाली प्रारूप पत्र देना होगा। इसके ऊपर चार बिंदु दिए गए हैं। इन बिंदुओं में शिकायतकर्ता को अपना नाम, पद्नाम, तैनाती का स्थान व समस्या का विवरण देना होगा। प्रभारी अधिकारी अगर समस्या का वहीं पर निस्तारण कर देता है, तो उसी प्रारूप में बने कॉलम में लिखना होगा। इस तरह से शिकायत का निस्तारण प्रभारी अधिकारी, कार्यालय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष (मुख्यालय) और फिर शासन स्तर से किया जाएगा।