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नहीं थम रहा विवाद : वंदेमातरम पर भाजपा पार्षद को भुगत लेने की धमकी  

Fri, 31 Mar 2017 08:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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भाजपा पार्षद तहसीन। - फोटो : अमर उजाला
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वंदेमातरम को लेकर भाजपा और विपक्षी पार्षदों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। विपक्षी पार्षदों ने खुलकर कहा है कि वे किसी कीमत पर वंदेमातरम नहीं गाएंगे और सदन में भी जाएंगे, उन्हें ऐसा करने से कोई नहीं रोक सकता। वहीं, भाजपा पार्षदों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो चुका है। जो पार्षद राष्ट्र के सम्मान के प्रतीक वंदेमातरम को नहीं गाएगा, उसे सदन में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस बीच भाजपा पार्षद तहसीन अंसारी ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पार्षद उसे इस मामले में भुगत लेने की धमकी दे रहे हैं।
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बीते मंगलवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में वंदेमातरम शुरू होने से पहले ही विपक्षी पार्षदों ने सदन छोड़ दिया था। जिसके बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने प्रस्ताव रखा था कि अब सदन में वही पार्षद मौजूद रहेगा, जो वंदेमातरम का गायन करेगा। साथ ही वंदेमातरम न गाने वाले पार्षद की सदस्यता समाप्त करने का भी प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव को भाजपा पार्षदों ने पास कर दिया था, जिसके बाद विपक्षी पार्षद सदन से चले गए थे। तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्षी पार्षदों के बीच वाक युद्ध जारी रहा।
साढ़े चार साल से सदन की तौहीन : तहसीन
भाजपा पार्षद तहसीन अंसारी का कहना है कि विपक्षी पार्षद पिछले साढ़े चार साल से वंदेमातरम का विरोध कर सदन से बाहर निकल जाते हैं। इससे सदन की तौहीन होती है और गरिमा गिरती है। जबकि निगम अधिकारियों के साथ ही सभी महिला पार्षद सदन में मौजूद रहती हैं। तहसीन अंसारी का कहना है कि हमारे मजहब में वंदेमातरम कहने की इजाजत नहीं है तो शांत रहकर तो बैठा जा सकता है। तहसीन अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षद शाहिद अब्बासी और उसके साथियों की तरफ से लगातार भुगत लेने की धमकी मिल रही हैं। अगर ये नहीं माने तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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विपक्षियों का यह रवैया
भाजपा पार्षद विजय आनंद अग्रवाल के अनुसार उन्होंने सदन में तहसीन अंसारी के चांटा मारने के प्रकरण को निगम की मिनट्स में नहीं रखे जाने की बात उठाई थी। इस पर विपक्षी पार्षदों ने विरोध करते हुए कहा कि आप साढ़े चार साल से वंदेमातरम का विरोध कर रहे हैं। 
ऐसे प्रस्ताव से कुछ नहीं होता
विपक्षी पार्षद शाहिद अब्बासी, दीवान जी शरीफ और नवाब का कहना है कि वंदेमातरम को जबरन नहीं थोपा जा सकता है। उनका मजहब इसे कहने की इजाजत नहीं देता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में राष्ट्रगान और राष्टध्वज के सम्मान का जिक्र किया है। हम संविधान का सम्मान करते हैं और उसके हर नियम का पालन आगे भी करते रहेंगे। इनके प्रस्ताव पास करने से कुछ नहीं होगा। उन्हें सदन में बैठने से कोई नहीं रोक सकता है। वे सदन में पास प्रस्ताव मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अगर उन्हें बैठने से रोका गया तो वे इसे कोर्ट में चुनौती देंगे। 
समाप्त हो पार्षदों की सदस्यता
मोदीपुरम। पल्लवपुरम फेज-एक में बृहस्पतिवार को पंडित मनोज शर्मा के आवास पर बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए राजेश सिसौदिया ने कहा कि जो पार्षद वंदेमातरम का विरोध कर रहे हैं, उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। भाजपा के पूर्व महामंत्री गणेश अग्रवाल ने कहा कि वंदेमातरम का विरोध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनय विरालिया और भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शिक्षक प्रकोष्ठ संजय सिंह सोम ने भी कार्रवाई की मांग की। बैठक में रविदत्त, अरुण पंडित, रविंद्र तोमर, हिमांशु, राहुल, मनोज शर्मा, अनुज, मनोज आदि मौजूद रहे। 
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