राज्यपाल ने दीक्षा देते हुए कहा कि मेरठ का प्रदेश में विशेष महत्व है। स्वतंत्रता संग्राम में क्रांति की चिंगारी यहीं से भड़की थी। उन्होंने कहा कि किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह के नाम पर बनी इस यूनिवर्सिटी में उनका चौथा दीक्षांत समारोह है। वे यहां आकर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि यूपी में लड़कियां उच्च शिक्षा में लगातार बेहतर कर रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि सीसीएसयू के दीक्षांत में 189 गोल्ड मेडल में से लड़कियों ने 126 और लड़कों ने 63 मेडल हासिल किए हैं।
इसके साथ ही यूनिवर्सिटी से इस साल 1 लाख 41 हजार 181 डिग्रियां दी गईं। जिनमें से 59619 लड़के और 81562 लड़कियां हैं। लड़कों का प्रतिशत लगातार कम हो रहा है। प्रदेश में ये स्थिति बदल रही है। पिछले साल हुए दीक्षांत समारोह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 विश्वविद्यालयों में से 25 के दीक्षांत कराए गए। इनमें 15 लाख 60 हजार डिग्रियां बांटी गईं। जिनमें 78 फीसदी लड़कियां रहीं और 22 फीसदी लड़के।
जो पदक बांटे गए उनमें भी 1653 लड़कियों को मिले और लड़कों ने 1085 पदक पाए। इस साल अब तक 13 विश्वविद्यालयों के दीक्षांत हो चुके हैं, 13 के ही बाकी हैं। अब तक 5 लाख 93 हजार बच्चे पास हुए। इनमें से 56 फीसदी लड़कियां हैं। सीसीएसयू की तारीफ करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का प्रदेश में दूसरा और देश में अब 66वां स्थान है। यूनिवर्सिटी की सूरत बदल रही है। पहले यहां के छात्रों की डिग्री को संदेह की दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन जबसे नकल विहीन परीक्षाएं हुई हैं तो हालात बदले हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पहले प्रदेश में उद्योगपति नहीं आते थे। बिजली नहीं थी। कानून व्यवस्था ठीक नहीं थी। लेकिन अब सुधार हो रहा है। इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1045 उद्योगपति 4.26 लाख करोड़ का निवेश कर रहे हैं। इससे 40 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को तरक्की का रास्ता दिखाया है। ऐसी योजनाएं चल रही हैं जिन पर कार्य करके आप नौकरी करने की बजाय दूसरों को नौकरी दे सकते हो।
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