इससे पूर्व, कॉलेज अध्यक्ष एवं विधायक नितिन अग्रवाल, गौरव स्वरूप, राघव स्वरूप, डा. अनिल अग्रवाल, संजय गुप्ता, डा. प्राची शुक्ला ने राज्यपाल और कुलपति का स्वागत किया। प्राचार्य डा. कर्नल राणा सुरेंद्र सिंह ने कॉलेज की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। डा. अनिल अग्रवाल, डा. मनीष अरोरा, डा. वीना शर्मा, डा. परमजीत सिंह, डा. सुमनलता, डा. भारती माहेश्वरी, जितेंद्र सिंघल, महाप्रंबधक पीआर डा. अरशद इकबाल, पराग गर्ग आदि मौजूद रहे।
इन टॉपर्स को दिए मेडल
राज्यपाल रामनाईक ने एमबीबीएस 2009 बैच के नितिन शर्मा, मोनिका पुंडीर और दीपिका, 2010 बैच की विशाखा, शबा खान और सुमित अग्रवाल, 2011 बैच के अजय सहरावत, देवाशीष गुप्ता और कमल मावी को क्रमश: स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्रदान किए। एमडी की डॉ शना रहमान को स्वर्ण, डा. दिनेश चौहान को रजत और स्वाति तिवारी को कांस्य पदक दिया गया। अजय सहरावत प्रत्येक वर्ष के एक-एक गोल्ड और थर्ड प्रोफेशन पार्ट-2 का एक सिल्वर पदक भी दिया गया। वह मेडिकल कॉलेज में ही कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात हैं।
शब्दों में सीख और व्यवहार में सादगी
राज्यपाल के शब्दों में सीख और व्यवहार में सादगी की झलक दिखी। करीब 35 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने डॉक्टर्स को राइटिंग सुधारने को कहा। मुस्कुराते हुए फोटो खिंचाने की बात कही। अपनी लिखी किताब चरैवेति चरैवेति का जिक्र किया। हमेशा चलने रहने का संदेश दिया। अपने गुरु के द्वारा बताए चार मंत्रों मुस्कुराते रहो, सराहना करो, किसी की अवमानना न करो और जो भी काम करो उसे अच्छा करने का प्रयास करते रहो को जीवन में उतारने को कहा।
भारतीय पोशाक में हो दीक्षांत समारोह
राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि दीक्षांत समारोह में पहना जाने वाला गाउन अंग्रेजों की देन है। दीक्षांत समारोह में भारतीय पोशाक पहनी जानी चाहिए।
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