शामली के अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र ने लोगों को संविधान में प्रदत्त अधिकारों और नागरिकों के मूल कर्तव्य का वाचन कराया। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का नाम लिए बगैर कहा कि नागरिकों के मूल कर्तव्यों में हिंसा न करना भी शामिल है। जो लोग हिंसा कर रहे हैं वह असंवैधानिक कार्य कर रहे हैं। लोग संविधान को लेकर अपने अधिकार की बात करें, लेकिन कर्तव्य क्या हैं, उन्हें भी जानना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जयपुर में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाय गया था, जिसमें उन्होंने संविधान के उद्देश्य और मूल कर्तव्यों का वाचन कराया था। वहां लोगों को मूल कर्तव्यों के बारे में जानकारी ही नहीं थी। अब उन्होंने तय किया है कि जहां भी कार्यक्रम में जाएंगे, वहां संविधान, देश और मूल कर्तव्यों का वाचन जरूर कराएंगे। अब तक वे 12 से अधिक विश्वविद्यालयों में इसका स्मरण कराते हुए संकल्प करा चुके हैं।
अपना घर आश्रम में दो लाख रुपये योगदान की घोषणा
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि अपना घर आश्रम में 113 लोगों की सेवा की जा रही है। अपना घर आश्रम के लिए दो लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। राज्यपाल की इस घोषणा पर पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने उनसे कहा कि क्या यह सरकारी पैसा है। इस पर राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल सरकारी नहीं होता है। राज्यपाल संवैधानिक पद है। वे राजस्थान के राज्यपाल है। राज्यपाल होने के नाते वे प्रथम नागरिक है।