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विलय के मामले में सरकार का निर्णय सराहनीय : सुनील भराला

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मेरठ..कंवलजीत..सर्किट हॉउस मैं पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व अध्यक्ष राज्यमंत्री श्रम कल्याण प - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ। भाजपा के वरिष्ठ नेता व श्रम कल्याण परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुनील भराला ने 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों के विलय के निर्णय को वापस लेने की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब व ग्रामीण छात्रों की शिक्षा के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे विपक्षी दलों को भी झटका लगा है।
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सर्किट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक सुनील भराला ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर मांग की थी कि 50 से कम छात्र नामांकन वाले विद्यालयों का विलय छात्र हित में नहीं हैं। सरकार ने यह निर्णय गरीब व ग्रामीण छात्रों के हित में लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता इसे बड़ा मुद्दा बनाने का सपना सजा रहे थे। उनके सपने को योगी सरकार ने तोड़ दिया है।
उन्होंने तत्कालीन यूपीए सरकार में शामिल नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मालेगांव कांड हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश थी। कोर्ट का फैसला उन हिंदू विरोधी नेताओं के लिए झटका है। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, आलोक सिसोदिया, पूर्व विधायक हरपाल सैनी, नमन भारद्वाज, राजकुमार कौशिक, अनिल शर्मा, सपना अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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