किसानों को हुए नुकसान पर आर्थिक पैकेज दे सरकार: राकेश टिकैत
मेरठ। लॉकडाउन के चलते फल, फूल, सब्जी, दूध उत्पादक किसानों और मछली, मुर्गी और मधुमक्खी पालकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भाकियू ने केंद्र सरकार से 1.5 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को दूसरा पत्र भेजकर पैकेज की मांग की है।
पत्र में कहा कि लॉकडाउन उस समय शुरू हुआ जब किसान रबी की कटाई एवं खरीफ की बुवाई की तैयारी कर रहा था। असमय बारिश और मजदूर न मिलने से फसल कटाई में देरी हुई। परिवहन के साधन बंद होने के कारण किसानों की फल, सब्जी या तो खेत में सड़ गई या उनके भाव नहीं मिल रहे। जिसके चलते किसानों को अपनी फसलों को फेंकने या नष्ट किए जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहा। लॉकडाउन के चलते सब्जियों व फल के किसानों को 80 प्रतिशत, फूल की किसान को 100 प्रतिशत व दूध के किसान को 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। संकट की घड़ी में भी किसान जान हथेली पर रखकर खेत में कार्य कर रहा है।
भारतीय किसान यूनियन की मांगे
- लॉकडाउन में फल, सब्जी, दूध, पोल्ट्री, मछली पालक, मधुमक्खी पालक, फूल उत्पादक किसानों के नुकसान की भरपाई हेतु केंद्र सरकार द्वारा अविलंब 1.5 लाख करोड़ का पैकेज दिया जाए।
- किसान सम्मान निधि का लाभ पहली किश्त की तरह सभी किसानों को दिया जाए। किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 24 हजार रुपये किया जाए।
- किसानों की सभी तरह की फसलें कपास, गेहूं, चना, सरसों, सब्जियों की खरीद की जाए।
- लंबे समय से मौसम की मार झेल रहे किसानों को गेहूं पर 200 रुपये क्विंटल बोनस दिया जाए।
- किसानों के सभी तरह के कर्ज के ब्याज पर एक साल की छूट व खरीफ की बुवाई में खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- फल, सब्जी, फूल उत्पादक किसानों के फसली ऋण माफ किए जाएं।
- देश में अन्न की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ दलहन व खाद्य तेल में भी देश को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
- कृषि आयात पर देश की निर्भरता को समाप्त करने हेतु खाद्य तेल व दलहन उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर उनकी फसलों की सरकारी खरीद की जाए।