मेरठ। रालोद ने विद्युत दरों में प्रस्तावित वृद्धि वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं को रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं।
रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष हस्तिनापुर यशवीर सिंह ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन होने से किसानों के साथ-साथ व्यापारियों, छोटे उद्योगों, दुकानदारों व आम आदमी की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई हैं। आज आम आदमी ही नहीं दुकानदार, छोटे उद्योग वालों को दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। आर्थिक हालात खराब होने के कारण आत्महत्या के मामले भी बढ़ गए हैं। ऐसे समय में बिजली दरों के टैरिफ में बदलाव कर सरकार जनता की कमर तोड़ना चाहती है। किसानों के ट्यूबवेल की क्षमता बढ़ाकर सरकार किसानों का शोषण कर रही है। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान सरकार करा नहीं पाई है। ऊपर से बिजली की दरों में वृद्धि करके सरकार किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रही है। सरकार द्वारा टैरिफ के बदलाव में सामान्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। राज्यपाल से मांग की है कि सभी छोटे दुकानदारों, छोटे उद्योगों, स्कूलों एवं किसानों के बिजली के बिल माफ कराने के लिए सरकार को निर्देशित करें।