ग्रामीणों ने बताया- एक माह पहले आई थी टीम, एलाइनमेंट बदलने पर खरखौदा के किसानों ने जताई नाराजगी
माई सिटी रिपोर्टर।
मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट बदले जाने को लेकर अब सब कुछ साफ नजर आ रहा है। अमर उजाला ने हापुड़ रोड पर स्थित हाजीपुर और अल्लीपुर गांव में खोज की तो वहां एलाइनमेंट के निशान लगे मिले। इससे साफ है कि कंसल्टेंट कंपनी एलएन मालवीय ने इस रूट पर भी जमीन की पैमाइश कर निशान लगाए थे। इसके बाद ही एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट में हाजीपुर के पैकेज को अपलोड किया गया।
कुछ दिन पहले जब टीम हाजीपुर के पास जमीन की पैमाइश करने पहुंची थी तो गांववासियों में हलचल शुरू हो गई थी। इसके बाद ही खरखौदा सहित परतापुर रूट के ग्रामीणों ने हाजीपुर रूट से गंगा एक्सप्रेसवे को निकाले जाने का विरोध शुरू किया था। शुक्रवार को भी किसानों ने सांसद और विधायक से मिलकर एलाइनमेंट बदले जाने को लेकर नाराजगी जताई। लेकिन किसानों को सिर्फ आश्वासन मिला। ऐसे में किसान प्रशासन पर भी सवाल उठा रहे हैं। प्रशासन ने ही एक वर्ष के लिए यहां जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगा रखी है। वहीं एलाइनमेंट को हाजीपुर से फाइनल किया जा रहा है।
हाजीपुर सहित अन्य गांवों में हलचल शुरू
प्रस्तावित एलाइनमेंट में हाजीपुर का नाम आने के बाद आसपास के गांवों में किसानों में हलचल तेज हो गई हैं। वह आपस में जोड़-तोड़ का गणित लगा रहे हैं। इसके अलावा कुछ किसान तो एडीएम भूमि अध्याप्ति कार्यालय के चक्कर लगाने लगे हैं। सभी को अब ये लग रहा है कि हाजीपुर में किस तरफ से गंगा एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट लिया जाएगा। उम्मीद है अगले कुछ दिनों में गंगा एक्सप्रेसवे के पहले चरण की डीपीआर भी घोषित हो सकती है।
लगातार अपलोड हो रही डीपीआर
एक्सप्रेसवे के कार्य में बीते दो दिनों से तेजी आई है। सभी पैकेजों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का डाटा अपलोड किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को चार चरणों की डीपीआर अपलोड की गई थी। शुक्रवार को भी चरण-10 और 12 की डीपीआर अपलोड की गई। चरण-10 जिला उन्नाव के सरसों से शुरू होकर जिला रायबरेली के तेरूखा तक जाएगा। चरण-12 जिला प्रतापगढ़ के नौढिया से जिला प्रयागराज के दण्डो तक जाएगा। दोनों चरणों की लंबाई क्रमश: 52 किमी और 53.047 किमी है।
सांसद आवास पहुंचे किसान, हुई बहस
मेरठ। किसानों ने चाणक्यपुरी स्थित सांसद राजेंद्र अग्रवाल के घर पहुंचकर प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट को लेकर नाराजगी जताई। किसानों ने कहा कि हमारी जमीन 14 महीनों से बंधक थी। अब हमारे साथ धोखा किया गया है। उनकी सांसद से बहस भी हुई। सांसद ने किसानों से कहा कि ये विधायक का मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में वह उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से बात करेंगे। इस पर किसान भड़क गए। उन्होंने कहा कि हमने आपको चुनकर भेजा है। ऐसे काम नहीं चलेगा। किसानों ने कहा कि जहां से एलाइनमेंट हटाया जा रहा है, वह भाजपा का वोट बैंक है। ऐसे में हमारे साथ अन्याय हो रहा है। सांसद ने प्रदेश सरकार तक मामले को पहुंचाने का आश्वासन दिया।
एलाइनमेंट बदले जाने पर भाजपा के खिलाफ गुस्सा
-खरखौदा क्षेत्र के ग्रामीण बसपा नेताओं पर लगा रहे आरोप, सोशल मीडिया पर कई पोस्ट
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट बदले जाने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद पंचायत के साथ-साथ सोशल मीडिया पर वार शुरू हो गया है। खरखौदा क्षेत्र के गांववासी भाजपा जनप्रतिनिधियों पर गुस्सा उतार रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी सरकार में ही ऐसा हो रहा है तो अन्य सरकारों में क्या होगा। जिस एलाइनमेंट को खरखौदा के गांवों से निकलना था, उसे बदलकर हाजीपुर किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर बसपा नेताओं की मिलीभगत भी बताई जा रही है। इसके अलावा आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है। सांसद और विधायकों से मिले आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत होता नहीं दिखाई दे रहा है। अगले कुछ दिनों में एक बड़ी पंचायत भी हो सकती है।
क्या इसी दिन के लिए तुम्हें जिताया था
फेसबुक पर भाजपा से जुड़े कुछ लोग जनप्रतिनिधियों को अपनी वोट का महत्व बता रहे हैं। वह बोल रहे हैं कि क्या इसी दिन के लिए तुम्हें हमने जिताया था। उनका कहना है कि अभी तक हमारी जमीन को प्रशासन ने बंधक बनाकर क्यों रखा है, जब इस स्थान से एलाइनमेंट निकालना नहीं था।