मेरठ। महानगर की पचास से अधिक सड़कें गड्ढों के चलते बदहाल हो गई हैं। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है परंतु सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की दिशा में कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि कोरोना संक्रमण के चलते सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं हो पा रही है।
विभिन्न एजेंसियों को बनवानी हैं सड़कें
महानगर में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एमडीए और आवास विकास पर सड़कें बनवाने की जिम्मेदारी है। शहर की कई सड़कें पैदल चलने लायक नहीं रह गई हैं। इनमें अधिकतर मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी के पास हैं। अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को बागपत, मवाना, रुड़की एवं सरधना रोड का जायजा लिया। इनमें गहरे गड्ढे हो गए हैं। माना जा रहा है कि यदि प्रशासन ने पूरे शहर में ट्रैफिक खोल दिया तो टूटी सड़कों पर शहर जाम हो जाएगा।
बागपत रोड
फुटबॉल चौराहा से मलियाना फ्लाईओवर तक सड़क गड्ढों में तब्दील है। इसे बनवाने की जनता करीब एक वर्ष से मांग कर रही है। अमर उजाला ने इनकी आवाज अभियान के रूप में उठाई थी। जिसका असर यह हुआ कि फरवरी में प्रदेश सरकार ने चार करोड़ 75 लाख रुपये निर्माण के लिए स्वीकृत किए थे। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक मार्च में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है परंतु कोरोना संक्रमण के चलते काम शुरू नहीं हो पाया है।
रुड़की रोड
जीरो माइल से मोदीपुरम फ्लाईओवर तक सड़क गड्ढों में तब्दील है। पिछले सप्ताह हुई बारिश से ये गड्ढे और गहरे हो गए हैं। ये किसी की भी जान ले सकते हैं। पीडब्ल्यूडी के दावे को सही माने तो इस सड़क के लिए भी शासन से धन स्वीकृत हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शीघ्र ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
मवाना रोड
कमिश्नर आवास चौराहा से नगर निगम डिवाइडर मार्ग सीमा तक मवाना रोड की हालत बेहद खराब है। जिससे यहां से गुजरने वाले वाहनों की गति 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटा ही रहती है। सड़क जगह-जगह पत्थरों में तब्दील हो गई है। सड़क को टूटे लगभग दो साल हो चुके हैं परंतु इसका निर्माण नहीं किया गया। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है।
लखवाया मार्ग
बाईपास फ्लाईओवर से लखवाया तक सड़क की हालत बदतर है। गहरे गड्ढों में तब्दील इस सड़क से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। दो साल से जनता आश्वासन के सहारे चल रही है। 70 से 80 लाख रुपये में सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। विभाग से मार्च में जानकारी दी गई थी कि शासन से धन स्वीकृत हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। हालांकि सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने का काम शुरू नहीं किया जा सका है।
महानगर सीमा में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों के लिए शासन से धन स्वीकृत हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। कोरोना संक्रमण के चलते मेरठ महानगर कंटेनमेंट क्षेत्र में है। जिसके चलते सड़कों का निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है। प्रशासन की तरफ से आदेश मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी