गन्ना पर्चियों की समस्याओं को लेकर पंचायत करते किसान।
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रोहटा। गन्ना किसानों की समस्या को लेकर सोमवार को चिंदौड़ी गांव में किसानों की बैठक हुई। जिसमें गन्ना भुगतान में देरी, पर्चियों समय पर उपलब्ध न होना, किसानों के उत्पीड़न जैसे मुद्दे उठे।
चिंदौड़ी गांव के किसानों का गन्ना नंगलामल व किनौनी चीनी मिल में जाता है। किसानों ने बैठक में बताया कि गत सीजन का भी भुगतान मिल ने नहीं किया है। चालू सत्र भी आधा बीत चुका है। कहा कि कुद किसानों द्वारा फर्जी बांड की शिकायत पर जांच कर रहे गन्ना विभाग टीम के सदस्य किसानों को परेशान कर रहे हैं। समिति द्वारा गन्ना पर्चियों में ओवरलोड काटा जा रहा है। शिकायत करने पर अधिकारी नियमानुसार कार्य होने की बात कहते हैं। बैठक में चेयरमैन बिजेंद्र प्रमुख ने कहा कि किसानों का गन्ना भुगतान भी गन्ना नियमावली में 14 दिन के अंदर अदा करने व 14 प्रतिशत का ब्याज दिलाने का प्रावधान है। यह भी लागू होना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार मिलों के दबाव में काम कर रही है और किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि हमेशा से छोटे किसानों बेसिक कोटा 60 क्विंटल है। उनकी गन्ने की पर्चियां पहले दो पखवाड़ों में लगा कर उन्हें गेहूं की बुआई के समय पर दिलाने का प्रावधान गन्ना नियमावली में है, लेकिन इस सत्र में गन्ना विभाग ने गन्ने की नियमावली को भी दरकिनार कर दिया। पर्चियां कलेंडर के 12 वे पखवाडे़ तक लगा दी है। यह किसानों का उत्पीड़न है। प्रमुख ने किसानों को आश्वस्त किया की उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। शीघ्र ही किसानों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलकर किसानों की समस्याओं को रखेगा। बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य केपी सिंह, संचालन अनिल साहरन ने किया। अमित चहल, सुरेंद्र मेजर, टीटू, नीटू, सुक्रमपाल, जितेंद्र प्रधान, अशोक, भोपाल सिंह, लोकेश, प्रमोद, योगेश व सुनील आदि मौजूद रहे।