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गुरुकुल प्रभात आश्रम में वैदिक शोध संगोष्ठी हुई

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गुरुकुल प्रभात आश्रम टिकरी में आयोजित संगोष्ठी में हिस्सा लेते हुए विद्वान। - फोटो : SARDANA
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जानीखुर्द। गुरुकुल प्रभात आश्रम टिकरी में सोमवार को स्वामी समर्पणानंद वैदिक शोध संस्थान द्वारा एक वैदिक शोध संगोष्ठी हुई। विषय तैत्रिरीय ब्राह्मण में विविध विज्ञान रहा। गुरुकुल में ब्रह्मचारियों द्वारा संस्कृत में सरस्वती वंदना से हुई। विद्वानों का शास्त्रीय विधि से श्रीफल देकर और चंदन का टीका लगाया है। शोध संगोष्ठी की अध्यक्षता लखनऊ से आए प्रो. ओमप्रकाश पांडेय ने की। संगोष्ठी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. राजेश्वर प्रसाद ने अपने शोध पत्र में कहा कि ब्राह्मण ग्रंथों में विषय यज्ञ के द्वारा सृष्टि के रहस्यों को प्रकाशित करना है। गोरखपुर विवि के प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने तैत्रिरीय ब्राह्मण में वर्णित सृष्टि विद्या के रहस्य को समझाया। संगोष्ठी में प्रो. सुरेंद्र कुमार, डॉ. निरंजनदेव मंगलम, प्रो. रामनाथ झा, प्रो. मिथलेश चतुर्वेदी आदि ने अपने शोध पत्र पढ़े। कार्यक्रम के अंत में गुरुकुल प्रभात आश्रम टिकरी के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने कहा कि आज सभी को जागरूक रहने की जरूरत है। देश के अंदर के शत्रु भरतीय सभ्यता को नष्ट करने में लगे है। ऐसे लोगों के प्रति हमें जागरूक रहकर अपने देश को विश्व पटल पर गौरवपूर्ण स्थान दिलाना है।
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