मेरठ। सीसीएसयू में शनिवार से चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों और बाहर से आने वालों की रजिस्ट्रर में एंट्री के बाद ही प्रवेश मिला। पास बनने का कार्य भी शुरू हो गया है। सबके अलग-अलग पास बनाए जाएंगे। छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी कैंपस में आईकार्ड पहनेंगे।
शुक्रवार को सीसीएसयू में गेट के बाहर फायरिंग के बाद विवि प्रशासन ने सख्ती कर दी। शुक्रवार दोपहर बाद से मेन गेट पर एंट्री के बाद ही प्रवेश दिया गया। 11 सौ लोगों की एंट्री हुई। इनमें चार सौ के करीब शाम को घूमने वाले लोग शामिल रहे। इसके अलावा छात्र, शिक्षक और कर्मचारी रहे। शनिवार सुबह से शाम तक 42 सौ के करीब एंट्री हुईं। इनमें छात्र-छात्राएं, शिक्षक, कर्मचारी, काम करने वाले मजदूर, बैंक और पोस्ट ऑफिस आने वाले लोग शामिल रहे।
कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर डॉ. दुष्यंत चौहान ने बताया कि पहले दिन व्यवस्था ठीक रही। पास बनाए जाने का काम शुरू हो गया। कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, बाहर से आने वालों और सुबह-शाम घूमने वालों के अलग-अलग पास बनाए जा रहे हैं। पास बनने के बाद सब कुछ व्यवस्थित हो जाएगा। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से आईकार्ड गले में डालकर रखने को कहा गया है। प्रवेश को लेकर रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार भी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंपस में माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा। एंट्री की व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा ताकि असामाजिक तत्व भीतर न घुस सकें। कैंपस में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने इस पहल की प्रशंसा की है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि गिनती के अराजकतत्वों के कारण विवि में पढ़ाई का माहौल खराब होता है। पास से एंट्री होने में कोई समस्या नहीं है।