मेरठ। किसी महिला, बालिका के साथ कोई छेड़छाड़, छींटाकशी हो तो उसको चुप रहकर सहें नहीं, बल्कि उसकी शिकायत करें। पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइनों पर इन घटनाओं की शिकायत करें। स्वयं में इतनी मजबूत बनें कि कोई आपके नजदीक आने की सोच से भी खौफ खाए। डर को छोड़कर, चुप्पी को तोड़कर अपने साहस से अपनी सुरक्षा करने का ये हुनर छात्राओं को बताया गया। छात्राओं को बताया गया कि 181, 1098, 1090, डॉयल 100 सब ऐसी हेल्पलाइन हैं जो 24 घंटे संचालित हैं। अगर आपके साथ कुछ गलत हो रहा है तो इन हेल्पलाइन पर आप कभी भी शिकायत करें और पुलिस को सूचित करें।
पुलिस, प्रशासन के सहयोग से अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बृहस्पतिवार को देवकी देवी वीरेंद्र सिंह राजकीय कन्या इंटर कॉलेज माधवपुरम में कार्यशाला का आयोजन हुआ। बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान कवच के तहत छात्राओं को बालिका सुरक्षा की जानकारी दी गई। अभियान में मुख्य अतिथि इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी जितेंद्र कुमार सक्सेना रहे। साथ में चाइल्डलाइन की संचालिका अनीता राणा व लखनऊ से आईं लवलीन गुप्ता ने बालिकाओं को संबोधित किया। अपराजिता अभियान क ी सेल्फ डिफेंस टीम उप्र शोतोकाई संघ से आए शिहान सिराज अहमद, नीलम व टीम ने बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं को डेमो के जरिए पूरी जानकारी दी। विद्यालय की प्रिसिंपल विनय जायसवाल ने सभी का आभार दिया। इस अवसर पर कल्पना पांडे, रुबीना माइकल, प्रीति त्यागी सहित आशा ज्योति केंद्र की संचालिका, स्कूल स्टाफ व शिक्षिकाओं ने सहयोग दिया।
खुद समझें गुडटच और बेडटच का भेद
इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सक्सेना ने कहा कि गुड टच बेड टच का अंतर स्वयं समझना होगा। पुलिस हमेशा आपकी सुरक्षा के लिए खड़ी है। शासन ने बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कई हेल्पलाइन, ईएफआईआर की सुविधा दी है उसका प्रयोग करें। जिसने आपको परेशान किया है उसके लिए हमदर्दी नहीं रखें, बल्कि उसका सामना करें। आशा ज्योति केंद्र, चाइल्ड हेल्पलाइन की भी पूरी जानकारी दी।
मेरी समस्या मेरी नहीं सबकी है
लवलीन गुप्ता कहा कि जो समस्या मेरी है वो मेरी ही रहेगी ऐसा नहीं है। आपके साथ जो घटा है वो कल किसी दूसरे के साथ हो सकता है। दूसरों के साथ जो हुआ वो आपके साथ हो सकता है। अपनी लड़ाई नहीं दूसरों की लड़ाई के लिए भी खड़ी हों। कहीं भी गलत होता देखें तो पुलिस को उसकी जानकारी दें ताकि महिलाओं के लिए एक अच्छा सुरक्षित समाज बना सकें।
बातचीत
पहली बार मिली ऐसी ट्रेेनिंग
अपनी सुरक्षा हमें खुद कैसे करनी है इसकी जानकारी पहली बार मिली है। सेल्फ डिफेंस की टीम ने इतने अच्छे से बताया कि कैसे हम अपने दुपट्टे, कीरिंग, कंगन से अपनी सुरक्षा कर सकते हैं। - निशिता
मेरा हौसला बढ़ा है
कार्यशाला में हमें विभिन्न हेल्पलाइन की जानकारी दी गई है, इससे मेरा हौसला बढ़ा है। जो हेल्पलाइन नंबर बताए गए हैं उनकी मदद कैसे लेनी है इसकी जानकारी परिवार के लोगों क ो भी दूंगी। भावना
काफी सीखने को मिला
कॉपी, रजिस्टर, पेन, घड़ी भी हमारी सुरक्षा कर सकती हैं ये तो मैंने कभी सोचा भी नहीं था। आज सेल्फ डिफेंस की इस कार्यशाला में पता चला कि किस प्रकार अपनी इन चीजों को मैं हथियार बना सकती हूं। - हुमैरा
हर किसी के लिए जरूरी
हर लड़की के लिए सेल्फ डिफेंस की जानकारी जरूरी है ताकि वो जब भी मुश्किल में हो तो खुद अपनी सुरक्षा कर सके। - निशा
सहेलियों को भी बताउंगी
पुलिस के नाम से ही डर लगता था। लेकिन आज इस कार्यशाला में पता चला कि किस प्रकार हम अपनी पहचान गोपनीय रखकर भी शिकायत कर सकते हैं। इसके बारे में अपनी सहेलियों को भी बताऊंगी। - नैना
नहीं सहेंगे अपराध
अपराध करने वाले से अपराध सहने वाला बड़ा गुनहगार होता है। लड़कियों को लोग हमेशा कमज़ोर समझते हैं, लेकिन वो कमज़ोर होती नहीं। आज मुझे इस बात का पता चल गया कि पुलिस हमारी सहायता के लिए हर कदम पर खड़ी है। - अलीना