माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। साकेत मानसरोवर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री कूर्म पुराण कथा के दूसरे दिन कथा व्यास डॉ. रामप्रकाश शास्त्री ने कहा कि मानव का सरल स्वभाव ही परमात्मा को आकृष्ट कर सकता है। भगवान केवल फूल, फल, मेवा, मिष्ठान या धन से की गई पूजा से प्रसन्न नहीं होते, बल्कि जीव के भीतर भोलापन, सरलता और विनम्रता होना आवश्यक है। यदि मन में सरलता नहीं है तो भगवान की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती।
कथा के दौरान डॉ. शास्त्री ने समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि मंथन से 14 दिव्य रत्न एवं पदार्थ प्रकट हुए थे। जब समुद्र मंथन से माता महालक्ष्मी का अवतार हुआ तो समस्त देवगण हर्षित होकर नृत्य करने लगे। इसी प्रसंग पर कथा स्थल पर श्री महालक्ष्मी जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर रुक्मिणी देवी, कौशल देवी, मधु मित्तल, वंदना गर्ग, शांति देवी आदि रहीं।