माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बाबा औघड़नाथ मंदिर मार्ग अन्नपूर्णा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा हुई। कथा व्यास आश्रित गोस्वामी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दिव्य वर्णन किया। कथा को सुनकर सभी लोग भावविभोर हो गए। कथा स्थल को नंद बाबा के आंगन के रूप में सजाया गया। कथा व्यास ने कृष्ण जन्म, भगवान के नाम नामकरण, पूतना वध के बाद यशोदा मैया के साथ भगवान की लीलाओं को रस पूर्वक सुनाया। गोस्वामी ने कहा कि मां के रूप में आने पर भगवान ने पूतना को भी मुक्ति दे दी।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं थी, यह आध्यात्मिक शिक्षा का स्रोत हैं। पूतना वध से शिक्षा मिलती है कि भगवान सच्चे भाव को पहचानते हैं। मां के रूप में आई पूतना ने भगवान जहरीला दूध पिलाने का प्रयास किया। यह जानते हुए भी मां का रूप लेने के कारण पूतना का उद्धार हुआ। उन्होंने कहा कि प्रेम से ही भगवान को बांधा जा सकता है। भगवान की लीलाएं हमें निष्काम, भक्ति की प्रेरणा देती है। कथा स्थल पर लड्डू गोपाल का झूला लगाया गया। इस दौरान नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... भजन पर सभी झूम उठे।