फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: लोकोत्सव में दिखी लोक संस्कृति की झलक

विज्ञापन
विज्ञापन
- सुभारती विश्वविद्यालय मेें साहित्यिक गोष्ठी का भी हुआ आयोजन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के भाषा विभाग एवं सुभारती नैचुरोपैथी कॉलेज में एक दिवसीय लोकोत्सव साहित्यिक संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक कलाओं के रंग बिखरे और साहित्यिक चर्चाओं ने माहौल को सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।
मुख्य अतिथि पूर्व सांसद कांता कर्दम रहीं। मुख्य वक्ता भाषा वैज्ञानिक डॉ. विमलेश कांति वर्मा, विशिष्ट वक्ता प्रो. कुसुमलता मलिक और वक्ता सुनंदा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए। विवि की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज, कुलपति प्रो. पीके शर्मा, प्रति कुलपति डॉ. मुनीश सी. रेड्डी भी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि कांता कर्दम ने कहा कि भारत विविधताओं में एकता का देश है। विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां इसकी जीवंत मिसाल हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि लोक कलाओं को संरक्षित और संवर्धित करने की बड़ी आवश्यकता है। शिक्षण संस्थानों और सरकार के संयुक्त प्रयासों से ही ये कलाएं जीवित रह सकती हैं। उन्होंने सुभारती विवि के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज के प्रयासों की सराहना की। मुख्य वक्ता डॉ. विमलेश कांति वर्मा ने कहा कि लोक परंपराएं समाज को उसकी जड़ों से जोड़ती हैं। ये परंपराएं आधुनिक समय में भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने युवाओं से लोक धरोहर के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रो. कुसुमलता मलिक ने कहा कि काशी, मथुरा, अयोध्या और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थल विश्व को शांति और मानवता का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से सांस्कृतिक विरासत को समझने और संरक्षित करने का आह्वान किया। सुनंदा वर्मा ने लोक संस्कृति को सामूहिक पहचान और एकता का संदेश बताया। सांस्कृतिक सत्र में गौरव साहा एवं समूह ने लोक में राम मीम पर नृत्य प्रस्तुत किया। मथुरा के सुखबीर सिंह ने अलगोझा वादन (लुप्तप्राय लोक वाद्य) की प्रस्तुति दी। सहारनपुर से रंजना नैब की टीम ने लोक में कृष्ण थीम पर नृत्य, मेरठ की नीता गुप्ता ने संस्कार गीतों का गायन किया। हरियाणा के शीशपाल ने हरियाणवी लोक नृत्य एवं घूमर की प्रस्तुति दी। दिल्ली के अब्दुल हामिद एवं टीम ने नृत्य प्रस्तुति दी।
विज्ञापन

कुलपति प्रो. पीके शर्मा ने कहा कि विवि की टीम लोक कलाओं के संरक्षण के लिए कृतसंकल्प है। अंत में सभी अतिथियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. सोनी एवं डॉ. भावना ने किया। इस अवसर पर डॉ. ऋतेष चौधरी, डॉ. चंपालाल मंडरेले, डॉ. पिंटू मिश्रा सहित अनेक शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें