ग्लैंडर्स संक्रमण : आसपास के पांच किमी क्षेत्र में होगी घोड़ों की जांच
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव गणेशपुर में भीम के घोडे़ में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण मिलने बाद पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। गणेशुपर गांव के आसपास के पांच किलो के सर्कल में सभी अश्वों का सैंपल लिया जाएगा।
रिपोर्ट मिलने के बाद राजकीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार और सीएचसी प्रभारी डॉ. अंकुर त्यागी टीम के साथ गणेशपुर गांव में पहुंचे। उन्होंने भीम को घोडे़ में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण मिलने की जानकारी दी। उसके बाद इस संक्रमण के लोगों में फैलने की आशंका को देखते हुए सीएचसी प्रभारी ने भीम के परिवार और आसपास के लोगों के एंटीजन सैंपल कराए। इस बीच आसपास के दो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलने व घोड़े में ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घोड़े को परिवार के लोगों की पहुंच से दूर स्थान पर बंधवा दिया और इसके संपर्क से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
मनुष्यों में भी पहुंच सकता है संक्रमण
डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि यह ऐसा संक्रमण है, जो घोड़ों को छूने भी से मनुष्य में भी आसानी से पहुंच जाता है। इसलिए इस बीमारी का इलाज संक्रमित घोड़े की मौत है। इस बीमारी से संक्रमित घोड़े को वैज्ञानिक विधि से मार दिया जाता है और उसके बाद जमीन में दफना दिया जाता है। घोड़े के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की जा रही है।
ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण
ग्लैंडर्स का संक्र्रमण होने पर घोड़े की नाक बहने लगती है। उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। घोड़े का शरीर सूखने लगता है। उसके शरीर पर गांठें हो जाती हैं। यह बीमारी बकोरिया मेलीरियाई नामक जीवाणु से फैलती है।
व्यापक स्तर पर होगी जांच
घोड़े में ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण मिलने के बाद अन्य पशुओं के भी सैंपल लेकर व्यापक स्तर पर गांव में जांच की जाएगी। - डॉ. राकेश कुमार, राजकीय पशु चिकित्सा अधिकारी, हस्तिनापुर
लोगों की भी की जा रही है जांच
घोड़े में ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण मिलने के बाद शनिवार को गणेशपुर में कैंप लगाकर लगभग 40 लोगों की जांच की गई, जिसमें आसपास के दो लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। -सीएचसी प्रभारी डॉ अंकुर त्यागी