बिहार की बेगूसराय निवासी एक युवती अपने प्रेमी से मिलने के लिए मेरठ पहुंची। प्रेमी को कई बार कॉल किया लेकिन फोन नहीं उठाया। दिल्ली रोड पर बागपत अड्डे के पास रोती हुई युवती एक एडवोकेट को मिली और पूरी कहानी बताई। इसके बाद सारथी संस्था की अध्यक्ष को युवती को सौंप दिया गया। उसे देर रात दिल्ली से आए भाई के सुपुर्द कर दिया गया।
बेगूसराय निवासी युवती (20) ने इस साल इंटर की परीक्षा पास की है। उसकी गांव में ही रहने वाले युवक से दोस्ती हो गई जो बाद में प्रेम-प्रसंग में बदल गई। युवक मेरठ में एक मिल में नौकरी करता है। तीन दिन पहले दोनों की बातचीत हुई तो युवक ने उसे मेरठ आने के लिए कहा।
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युवती ट्रेन से मेरठ पहुंच गई और प्रेमी को कई कॉल की लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। गुरुवार को वह बागपत अड्डे के पास बैठी रो रही थी तभी एडवोकेट कपिल शर्मा उसके पास पहुंचे और रोने का कारण पूछा। उसकी आपबीती सुनकर कपिल शर्मा ने समाजसेविका सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे और अशोक शर्मा को बुलाकर सारी बात बताई।
युवती को पहले आशा ज्योति केंद्र में रखा, देर रात दिल्ली से पहुंचा भाई
कल्पना पांडे ने भी युवक को कई बार कॉल की लेकिन उसने मोबाइल नहीं उठाया। रात को एक बार फोन पर बातचीत कल्पना पांडे से हुई तो युवक ने आने से साफ इंनकार कर दिया। इसके बाद कल्पना पांडे युवती को आशा ज्योति केंद्र में लेकर पहुंची और परतापुर पुलिस से संपर्क किया। युवती ने बताया कि उसका भाई दिल्ली में नौकरी करता है। जिसके बाद परतापुर पुलिस ने भाई को मेरठ बुलाकर उसके सुपुर्द कर दिया।