एक माह की बच्ची को रैपिड रेल का कार्य कर रहे टीपीनगर की शिवहरि कालोनी के एलएंडटी के सुपरवाइजर मनीष वर्मा की सुपुर्दगी में दिया गया। बच्ची को गोद लेते ही मनीष की पत्नी सोनी की आंखें भी खुशी से नम हो गईं। बच्ची को गले से लगा लिया। नन्हीं मेहमान के घर आने से परिवार में खुशियों का माहौल हो गया।
रात तक मेहमानों के घर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। मनीष वर्मा ने कहा कि शादी के सात साल बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ। बहुत मिन्नतें की लेकिन कुछ नहीं हुआ।
पत्नी बच्चों को देखकर उदास रहती थी, आज उसके चेहरे पर जितनी खुशी देखी है, उतनी कभी नहीं दिखी। परिवार के लोगों का कहना है कि कुछ ही घंटों में बच्ची उनके घर की सदस्य हो गई है। हर कोई उसको गोद में लेना चाहता है।