जानकारी के मुताबिक किशोरी बृहस्पतिवार देर शाम दुकान से घर का कुछ सामान लाने के लिए निकली थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों ने रात तक तलाश के बावजूद किशोरी के नहीं मिलने पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिस पर डायल-100 ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
तलाश के दौरान देर रात करीब ढाई बजे उक्त किशोरी परिजनों को क्षेत्र के ही एक फर्नीचर कारखाने के निकट बदहवास और नशे की हालत में मिली, जिसे परिजन घर ले गए। होश में आने पर पर किशोरी ने क्षेत्र के तीन युवकों पर खुद को कारखाने में खींचकर नशे का इंजेक्शन दिए जाने के बाद गैंगरेप किए जाने की बात कही।
किशोरी की आपबीती सुनकर परिजनों के होश उड़ गए और वे तत्काल आरोपी युवकों के घर पहुंचे, लेकिन वे घर से नदारद मिले। लोकलाज के डर से परिजन इस मामले को दबाए रहे। शुक्रवार सुबह मामले की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो क्षेत्र के कुछ लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कवायद शुरू कर दी। शाम तक भी पीड़ित परिजनों द्वारा घटना की तहरीर नहीं दी गई थी।
मामले में एसआई राजेंद्र वशिष्ठ का कहना है कि देर रात पुलिस कंट्रोल रूम को इस तरह की घटना की सूचना दी गई थी, जिसके बाद डायल-100 मौके पर भी पहुंची थी। लेकिन इसके बाद से अब तक मामले में किसी भी तरह की कोई तहरीर अथवा सूचना उन्हें नहीं दी गई है। तहरीर अथवा शिकायत आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।