गांवड़ी गांव में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाए जाने को लेकर तीन साल से चल रही जद्दोजहद पर रविवार को विराम लग गया। नगर निगम ने गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट की नींव रख दी। इससे शहर कूड़ा मुक्त होगा और कूड़े से कंपोस्ट खाद, बिजली, बायो सीएनजी बनेगी।
नववर्ष के पहले दिन नगर निगम ने शहर की जनता को कूड़ा निस्तारण प्लांट की सौगात दे दी। पूर्वाह्न 11 बजे महापौर हरिकांत अहलुवालिया अपने साथ पार्षदों को लेकर गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पहुंचे। नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा, कंपनी के अधिकारी, डीएम बी. चंद्रकला, कमिश्नर आलोक सिन्हा, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल भी पहुंचे। दोपहर 12 बजे शिलापट का लोकार्पण किया। सभी ने कूड़ा निस्तारण प्लांट को शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी पहुंचे। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की। भाजपा पार्षद दल नेता सेंसरपाल, राजू वर्मा, हरीश कुमार, राजकुमार मुन्ना, दीवान जी शरीफ, आदिल अंसारी, अरशद उल्ला, जाहिद अंसारी, रविंद्र तेवतिया, पंकज कतीरा, गौरव आदि मौजूद रहे।
18 माह में बननी शुरू हो जाएगी बिजली, बायो सीएनजी
शहर के कूड़े से बिजली और बायो सीएनजी बनाया जाना मेरठ के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। जहां अपनी बिजली से शहर का एक बड़ा हिस्सा जगमग होगा वहीं बायो सीएनजी से कार, थ्री-व्हीलर आदि सड़कों पर दौड़ेंगे। उप्र के शहरों में मेरठ का अलग ही नाम होगा। भले ही केंद्र और उप्र सरकार की खराब मंशा के कारण मेरठ को स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल नहीं किया, लेकिन नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट की नींव रखकर बड़ा कदम उठाया है।
विकास पर नहीं करनी चाहिए राजनीति
कमिश्नर आलोक सिन्हा ने कहा कि विकास में अड़ंगा बनने के लिए कभी छोटी राजनीति नहीं करनी चाहिए। सभी को एकजुट होकर विकास में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण प्लांट बड़ा कदम है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सभी को कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा।
कंपनी की टीम ने बनाए वीडियो
आर्गेनिक रिसाइक्लिंग सिस्टम प्रा. लि. के अशोक कपूर के साथ आई टीम ने गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। वहीं कूड़े के वीडियो भी बनाए। कूड़े के कुछ सैंपल भी ले गए। इनका कहना है कि उन्होंने आज से ही कार्य शुरू कर दिया गया है।
- अब शहर में कहीं पर भी कूड़ा नहीं दिखाई देगा। कूड़ा निस्तारण प्लांट को बिजली, खाद, सीएनजी बनाने के लिए प्रतिदिन 800 से 1000 मीट्रिक टन कूड़ा चाहिए। हमारे कार्यकाल की यह बड़ी उपलब्धि है। जो महानगर के लिए रामबाण साबित होगी। इसके तुरंत बाद ही शहर की जनता को एलईडी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। -हरिकांत अहलुवालिया, महापौर।
- आर्गेनिक रिसाइक्लिंग सिस्टम प्रा. लि. के साथ अनुबंध की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी हैं। एक सप्ताह के भीतर डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी। ताकि कूड़ा निस्तारण प्लांट पर कंपोस्ट खाद बनकर तैयार हो सके। इसके लिए कंपनी के लोगों ने भी काम शुरू कर दिया है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वह निर्धारित समय से पहले ही प्लांट को चालू कर देंगे। -देवेंद्र कुमार कुशवाहा, नगरायुक्त