भारी विरोध के बीच श्याम सिंह बिल्डिंग ध्वस्त
मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित गंदे नाले के समीप चर्चित श्याम सिंह बिल्डिंग को शनिवार सवेरे ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान नगर पालिका की टीम को किराएदारों का भारी विरोध झेलना पड़ा। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने विरोध कर रहे किराएदारों पर बल प्रयोग कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई। ध्वस्तीकरण के दौरान दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम की स्थिति दिनभर बनी रही। कार्रवाई को लेकर प्रशासन और नगर पालिका सवालों के घेरे में आ गई है।
कपड़ा मिल स्थित गंदे नाले के समीप श्याम सिंह बिल्डिंग स्वामी और किराएदारों में विवाद चल रहा था। इसी बीच बिल्डिंग स्वामी ने एक संस्था से जांच कराई, जिसमें बिल्डिंग को जर्जर दर्शाया गया। जर्जर बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण की कवायद शुरू हो गई। इसे लेकर किराएदार कोर्ट चले गए। इसी बीच नगर पालिका परिषद की ओर से बिल्डिंग ध्वस्त करने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। मगर किराएदार बिल्डिंग खाली नहीं करने की जिद पर अड़े रहे। एसडीएम ने बिल्डिंग ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। इसके बाद नगर पालिका परिषद के ईओ शिवराज सिंह, सीओ मोदीनगर सुनील कुमार सिंह शनिवार सवेरे मोदीनगर, भोजपुर, निवाड़ी तथा अन्य कई थानों की पुलिस के अलावा पीएसी के साथ बिल्डिंग ध्वस्त करने पहुंचे तो किराएदारों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया। बात बढ़ी तो पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों पर बल प्रयोग कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दिनभर चली। इस दौरान मुख्य मार्ग पर मेरठ की ओर जाने वाले रास्ते पर जाम की स्थिति बनी रही।
---------------
बिल्डिंग स्वामी और किराएदारों में चल रहा है विवाद
श्याम सिंह बिल्डिंग में करीब बीस लोग किराए पर दुकान लेकर व्यापार करते थे। इनमें से कई ने बिल्डिंग छोड़ दी थी। वर्तमान में नौ दुकानदार बिल्डिंग में किराएदार थे। बताया गया कि दोनों पक्षों में खाली करने को लेकर विवाद चल रहा था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया और वर्तमान में विचाराधीन है।
--------------
ध्वस्तीकरण में नगर पालिका ने किया मानकों का उल्लंघन
शनिवार को बिल्डिंग ध्वस्तीकरण के दौरान नगर पालिका की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। इस दौरान न ही तो जाल का प्रयोग किया गया और न ही आसपास के स्थानों को खाली कराया गया। ऐसे में हादसे का अंदेशा बना रहा।
--------
ध्वस्तीकरण के दौरान जाम की स्थिति
श्याम सिंह बिल्डिंग मुख्य मार्ग पर है। जैसे ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग पर जाम लग गया। दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रही। भारी पुलिस बल और विशालकाय मशीनों के चलते मार्ग संकुचित हो गया, जिससे वाहन रेंग रेंग कर चले।
---------
विशालकाय मशीनों को भी बिल्डिंग ध्वस्त करने में लगे घंटों
श्याम सिंह बिल्डिंग को ध्वस्त करने कई मशीन पहुंचीं मगर विशालकाय मशीनों को भी बिल्डिंग ध्वस्त करने में घंटों लगे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दिनभर चलती रही। वहीं लोगों ने ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन और नगर पालिका पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि नगर में कई बिल्डिंग सैकड़ों साल पुरानी हैं। मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बिल्डिंग तोड़ने का नगर में यह पहला मामला है, जो सुर्खियों में छा गया। कवरेज के दौरान मीडिया के साथ भी अभद्रता और बदसलूकी हुई। लोगों ने मीडिया के साथ हुई अभद्रता की निंदा की है।
---------------
भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान रुड़की और लोक निर्माण विभाग ने बिल्डिंग को जर्जर घोषित कर दिया था। इसके बाद इसके ध्वस्तीकरण की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। कुछ किराएदार ध्वस्तीकरण का विरोध कर रहे थे। एसडीएम के आदेश के बाद शनिवार को बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया। - प्रकाश सिंह, तहसीलदार मोदीनगर
-------------
बिल्डिंग ध्वस्तीकरण के लिए फोर्स की मांग की गई थी। शनिवार को पर्याप्त फोर्स उपलब्ध करा दी गई। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया, जिन्हें वहां से हटाया गया। - सुनील कुमार सिंह, सीओ मोदीनगर