कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 29 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
मुरादनगर। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बुधवार की रात करीब आठ बजे खाना खाने के बाद 29 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। फूड प्वाइजनिंग की शिकार सभी छात्राओं को मोदीनगर सीएचसी में भर्ती कराया गया। उल्टी-दस्त न रुकने पर 17 को संयुक्त जिला अस्पताल में भेजा गया। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने शाम के खाने में उड़द की दाल, चावल और आलू की सब्जी खाई थी। इसका स्वाद खाने में ठीक नहीं था। डॉक्टरों का कहना है कि हो सकता है कि सुबह बनाई गई दाल और सब्जी ही रात को भी परोस दी गई हो।
विद्यालय में 105 छात्राएं हैं। सभी छात्रावास में रहती हैं। बुधवार को 64 मौजूद थीं। इनमें से कक्षा छह से आठ तक की 29 फूड प्वाइजनिंग की शिकार हुईं। खाना खाने के बाद पहले एक को उल्टी आई। इसके बाद अन्य की हालत बिगड़ती चली गई। दस मिनट की अंदर ही संख्या 30 तक पहुंच गई। उल्टी-दस्त के साथ छात्राओं को चक्कर भी आ रहे थे। यह देख विद्यालय के स्टाफ ने सभी को सीएचसी मोदीनगर भिजवाया। बीमार पड़ी छात्राओं का कहना था कि उनके पेट में असहनीय दर्द हो रहा है।
फूड प्वाइजनिंग की जानकारी पर डीएम आरके सिंह पहले संयुक्त जिला अस्पताल गए। यहां छात्राओं से जानकारी लेकर विद्यालय पहुंचे। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि छात्रावास के रसोईघर से खाने के नमूने लिए गए हैं। छात्राओं की हालत में उपचार के बाद सुधार है। उन्हें जल्द ही छुट्टी दे दा जाएगी।
सात दिन से आरओ पड़ा खराब
छात्राओं ने बताया कि सात दिन से आरओ की मशीन खराब पड़ी है। इस कारण वे हैंडपंप का पानी पी रही हैं। यह पानी साफ नहीं है। शिकायत के बावजूद न तो आरओ ठीक कराया गया और न ही बोतलबंद पानी का इंतजाम किया गया। हैंडपंप के पानी का स्वाद भी खराब है। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद चंद्र का कहना है कि आरओ की मशीन ठीक होने तक विद्यालय में बोतलबंद पानी मंगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
फूड प्वाइजनिंग के बाद बदइंतजामी की बनीं शिकार
छात्राएं पहले फूड प्वाइजनिंग की शिकार बनीं, इसके बाद अस्पताल की बदइंतजामी की। उन्हें संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक-एक बेड पर दो-दो को लिटा दिया गया। यहां गर्मी और उमस से उनका हाल-बेहाल हो गया। रात में मच्छरों ने परेशान किया, सो अलग। अस्पताल में सफाई व्यवस्था भी चौपट है। छात्राओं ने कहा कि गर्मी के कारण उनकी बेचैनी और बढ़ गई। यहां कई एसी खराब होकर कबाड़ बन चुके हैं। पंखे भी ठीक से नहीं चल रहे। डीएम आरके सिंह ने कहा कि गर्मी और उमस को देखते हुए अस्पताल में बृहस्पतिवार को ही दो एसी लगवाए जाएंगे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
छात्राओं के बीमार पड़ने का मामला गंभीर है। इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी - विनोद चंद्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी