सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में धांधली का आरोप लगा हंगामा
मोदीनगर। सहायक समीक्षा अधिकारी सहित अन्य पदों के लिए रविवार को हुई प्रतियोगी परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने एक परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा किया। परीक्षा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराई गई थी। हंगामे की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने परीक्षार्थियों को समझाकर शांत कराया। धांधली का आरोप लगाते हुए दर्जनों छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया।
यूपी विधानसभा की सहायक समीक्षा अधिकारी सहित विभिन्न पदों के लिए एक प्राइवेट कंपनी द्वारा प्रतियोगी परीक्षा कराई गई। मोदीनगर में परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए थे। सारा रोड गोविंदपुरी स्थित विवेक इंटर कॉलेज भी परीक्षा केंद्र था। इस केंद्र पर 672 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सुबह 10 बजे शुरू हुई परीक्षा के कुछ देर बाद ही कुछ अभयर्थियों ने ओआरएम शीट देरी से बांटने और धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना के बाद एसपी सिटी, एडीएम संतोष कुमार वैश्य, एसडीएम आदित्य प्रजापति, सीओ सुनील कुमार सिंह और तहसीलदार उमाकांत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हंगामा करने वाले परीक्षार्थियों को मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद परीक्षार्थियों का गुस्सा शांत हुआ। कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा में धांधली की लिखित शिकायत एसपी को दी है।
प्रत्येक कक्ष में 35 परीक्षार्थियों के बैठने की थी व्यवस्था, भेजी 24 ओएमआर सीट
केंद्र व्यवस्थापक विशाल सिंहल ने बताया कि प्रत्येक कक्ष में 35 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। जिसकी सूचना परीक्षा एजेंसी को समय से दे दी गई थी, लेकिन परीक्षा एजेंसी की ओर से प्रत्येक कक्षा में 24 परीक्षार्थियों के बैठने के हिसाब से ओआरएम शीट भेजी गई। अब ऐसे में प्रत्येक कक्ष में 35 परीक्षार्थियों के बैठने हेतु ओआरएम शीट की व्यवस्था की गई। जिसके चलते शीट वितरण में कुछ विलंब हुआ। विलंब के कारण कुछ परीक्षार्थियों को गलतफहमी हो गई और वह हंगामा करने लगे। केंद्र व्यवस्थापक के अनुसार, करीब 400 परीक्षार्थी पहुंचे थे, जिनमें से 325 ने परीक्षा दी। उधर, एसडीएम आदित्य प्रजापति का कहना है कि पेपरलीक जैसी कोई घटना नहीं हुई है। कुछ परीक्षार्थियों को शीट विलंब से मिलने के कारण गलतफहमी हो गई थी। उनकी ओर से की गई शिकायत को शासन को भेज दिया जाएगा।