जिला पंचायत अध्यक्ष के सरकारी आवास पर बुलाई गई बोर्ड बैठक शनिवार को कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित करनी पड़ी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा एक अन्य सदस्य ही पहुंचा। ऐसे में अब बैठक 24 सितंबर को भी सरकारी आवास पर बुलाने की घोषणा की गई है।
उधर, बैठक का बहिष्कार कर रहे भाजपा और बसपा के जिला पंचायत सदस्यों ने चौधरी चरण सिंह पार्क में बैठक की। सभी ने कमिश्नर को ज्ञापन देकर दो टूक कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के सरकारी आवास पर होने वाली बैठक का वे बहिष्कार करेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने 17 सितंबर को नौचंदी मैदान स्थित अपने सरकारी आवास पर बोर्ड बैठक बुलाई थी। भाजपा और बसपा सदस्य इसका विरोध कर रहे थे। भाजपा सदस्यों ने 12 सितंबर को कमिश्नर को ज्ञापन देकर स्पष्ट कर दिया था कि सरकारी आवास पर होने वाली बैठक का वह बहिष्कार करेंगे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। शनिवार सुबह अध्यक्ष के सरकारी आवास के लॉन में पंडाल लगाकर बैठक की तैयारी पूरी कर ली गई थी। लेकिन, पूर्वाह्न 11:30 बजे तक जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा एक सदस्य डॉ. मनोज अधाना ही बैठक में मौजूद रहे। आधे घंटे इंतजार के बाद भी अन्य सदस्य नहीं पहुंचे तो अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार और जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने बैठक स्थगित कर दी। साथ ही बैठक 24 सितंबर को पुन: सरकारी आवास पर ही बुलाने की बात कही।
आवास पर बैठक में नहीं जाएंगे : कुलविंदर
जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह ने बताया कि चौधरी चरण सिंह पार्क में भाजपा और बसपा के सभी सदस्यों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि बैठक विकास भवन, बचत भवन या छोटा मवाना स्थित जिला पंचायत के डाक बंगले में होने पर ही सभी सदस्य शामिल होंगे। आवास पर बुलाई जाने वाली बैठक का बहिष्कार ही किया जाएगा।
सदस्यों की आपत्ति औचित्यहीन : सीमा प्रधान
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने कहा कि विकास भवन और बचत भवन में बैठक के लिए जगह नहीं मिली थी। यह मेरा निजी नहीं सरकारी आवास है। लिहाजा आयोजन स्थल को लेकर आपत्ति जताना औचित्यहीन है। बैठक में सदस्यों का न आना उनका अपना विवेक है। इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है।
मंडलायुक्त कार्यालय पर दिया धरना
बैठक का बहिष्कार कर रहे सदस्य और उनके समर्थक कुलविंदर सिंह के नेतृत्व में कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। सभी ने कमिश्नर कार्यालय के सामने स्थित बरामदे में धरना दिया। एसडीएम सरधना भूपेंद्र सिंह ज्ञापन लेने पहुंचे तो जिला पंचायत सदस्यों ने उन्हें भी वहीं बैठा लिया। कुछ देर हंगामा करने के बाद जिला पंचायत सदस्य ज्ञापन देकर चले गए। इस दौरान डॉ. मीनाक्षी भराला, रोहताश पहलवान, विक्की तनेजा, नितिन खटीक, सतपाल सिंह, मुन्ना गिरी, अनुज वाल्मीकि, मुकेश चरला, बबीता, जितेंद्र कुमार, हेमलता प्रजापति, ललित चौहान आदि शामिल रहे।
भाजपाइयों का शक्ति प्रदर्शन
चौधरी चरण सिंह पार्क में भाजपाइयों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा खेमे के सभी जिला पंचायत सदस्यों और कुछ महिला सदस्यों के पति पहुंचे। कुलविंदर सिंह के साथ आए दर्जनों समर्थकों की मौजूदगी हैरान करने वाली थी। चर्चा रही कि पिछली बैठक में हुई हाथापाई के बाद कुलविंदर विरोधियों को अपनी ताकत का अहसास कराना चाहते हैं।
मुखिया गुर्जर पहुंचे हथियारों के साथ
कुलविंदर के पिता और भाजपा नेता मुखिया गुर्जर भी चौधरी चरण सिंह पार्क पहुंचे। उनके साथ करीब आधा दर्जन हथियारबंद युवक और दर्जनों समर्थकों की टीम थी। मुखिया गुर्जर ने कहा कि पिछली बैठक के दौरान वह व्यक्तिगत कार्य में व्यस्त थे। उन्हें अहसास नहीं था कि बैठक में ऐसा होगा, इसलिये कुलविंदर को अकेले भेजा था। इस बार भाजपा के जिला पंचायत सदस्य बैठक में जाना चाहेंगे तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी।
आखिर अपने क्यों नहीं पहुंचे
पिछली बार बोर्ड बैठक में काफी हंगामा हुआ था। अध्यक्ष ने सभी प्रस्ताव पास होने का दावा किया था। इस बार पिछली बैठक की कार्यवाही पर पुष्टि होनी थी। ऐसे में अध्यक्ष खेमे के एक सदस्य को छोड़कर बाकी का बोर्ड बैठक से दूर रहना चर्चा का विषय रहा। विपक्षी सदस्यों के बहिष्कार के बाद उम्मीद थी कि जिपं अध्यक्ष के समर्थक अपने सदस्यों के साथ और ब्लाक प्रमुख (बोर्ड के नामित सदस्य) बैठक में जरूर पहुंचेंगे। लेकिन, अपनों के भी न पहुंचने को लेकर सियासी गलियारे में तरह-तरह की चर्चा होती रही।