जर्मन कंपनी की नकली दवा फैक्ट्री पकड़ी गई
क्षेत्र के सैनी गांव में जर्मन कंपनी की होम्योपैथी की नकली दवा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई है। पुलिस व कंपनी के अधिकारियों ने मौके से दवाई से भरे और खाली वाइल सहित वाइल पर लगने वाले लेबल भारी तादात में बरामद किए हैं। आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। कंपनी के अधिकारियों ने इंचौली थाने में आरोपी के खिलाफ ट्रेडमार्क, कॉपीराइट अधिनियम सहित धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
इंचौली थाने में सोमवार को डॉ. रेकवेग एंड को जर्मनी कंपनी के यूपी सर्किल के ऑपरेशन मैनेजर कौशल किशोर और जांच अधिकारी अमित कुमार पहुंचे। उन्होंने बताया कि सैनी गांव में उनकी कंपनी की नकली दवाई बनाने की फैक्ट्री चल रही है। जहां पथरी को गलाने वाली नकली दवा का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारी इंचौली पुलिस के साथ सैनी गांव पहुंचे। वहां राधे पुत्र मलखान के घर छापा मारा।
पुलिस के आने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घर के अंदर देखा कि दवाई की बड़ी मात्रा में वाइल पड़ी हुई हैं। इंस्पेक्टर इंचौली एमपी सिंह के अनुसार, घर के बाहर सिलाई सेंटर का बोर्ड लगा था। जबकि भीतर नकली दवाई बनाने काम चल रहा था। पुलिस के मुताबिक एक कमरे के अंदर से डॉ रेकवेग एंड को जर्मनी कंपनी के तीन हजार वाइल दवा से भरी हुई मिली। इसके अलावा ढाई हजार वाइल खाली और दो हजार दवा के लेबल मिले। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक भरी वाइलों में पथरी को गलाने वाली नकली दवा भरी है। पुलिस ने मौके से पूरी दवा सील कर दी और थाने ले आई। अधिकारी कौशल किशोर ने आरोपी राधे के खिलाफ ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए इंचौली थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी राधे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।