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आम बजट : सरकार का वादा हवा-हवाई, लोगों ने कहा- किसानों को बजट से कुछ नहीं मिला

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आम बजट : सरकार का वादा हवा-हवाई, लोगों ने कहा- किसानों को बजट से कुछ नहीं मिला
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बहसूमा। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का सोमवार को आम बजट पेश किया। इसमें सभी वर्गों के लोगों को काफी आस टिकी थी। पेश हुए बजट में सभी वर्गों के लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया रही। किसी ने इसे राहत भरा बताया तो किसी ने किसानों के खिलाफ बताया।
किसान हरेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों की आय दोगुनी करने का सरकार का वादा हवा हवाई दिखाई दिया। गत तीन साल से गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया गया है। इसके विपरीत फसलों में डलने वाली खाद, यूरिया व पेस्टीसाइड के दामों में कमी नहीं की गई। किसानों की आमदनी घटती जा रही है, जबकि लागत बढ़ती जा रही है।
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किसान सरदार सौभाग्यवीर मान का कहना है कि केंद्र सरकार के आम बजट से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज माफ करने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा फसल के समर्थन मूल्य को लेकर खरीद गारंटी कानून की बाट जोह रही थी, लेकिन उम्मीद धराशायी हो गई। किसान जयबीर का कहना है कि किसानों के लिए बजट पूरी तरह छल से कम नहीं रहा। भाजपा नेता आजाद बंसल का कहना है कि बजट समाज व देश को एक नई क्रांति देने वाला है। आम आदमी की पहुंच सरकार तक हो, ग्राहकों के लिए बैंक में पैसे सुरक्षित रखने की बात हो। इस बजट में सभी का ध्यान रखा गया है। दशमेश पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर सिम्मी सोहता ने कहा कि सरकार ने बजट में 100 सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा तो की है, लेकिन यह नहीं बताया कि पैसा कहां से आएगा। सरकार के पास पहले से ही रेवन्यू कम आ रहा है।
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किसानों को कुछ नहीं मिला
मवाना। किसान सभा के मंडलीय सचिव कामरेड जितेंद्रपाल सिंह ने कहा कि बजट में किसानों को कुछ नहीं दिया गया है। किसानों को कारपोरेट के हवाले कर दिया गया है। इससे किसानों का शोषण होगा। बजट में किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने की बात कही है, लेकिन यह दूर की बात है। किसानों के लिए सब्सिडी कम रखी गई है। इस बजट में किसान के हित में कुछ भी नहीं है।
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