खरखौदा। कस्बा समेत आसपास के लोगों की सहायता से छह वर्षों से राष्ट्र कल्याणार्थ चतुर्वेद पारायण महायज्ञ किया जा रहा है। इसके दूसरे दिन सोमवार प्रात: व सायं दोनों बेलाओं में मंत्रोच्चार से विधि विधान से यज्ञ किया। इस दौरान यज्ञ की महिमा का वर्णन किया।
मोहल्ला तिहाई में राष्ट्र कल्याणार्थ चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के दूसरे दिन पूज्य गुरुदेव ब्रह्म ऋषि कृष्ण महाराज की पावन प्रेरणा, याग प्रचार समिति खरखौदा व समस्त क्षेत्रवासियों के सहयोग से शास्त्री द्वारा विधिविधान से सुबह-शाम पांचों वेदियों पर मंत्रोच्चार से कराया गया। यहां विकास शर्मा, देवेंद्र पहलवान, राजू त्यागी यजमान रहे। इसमें मुख्य रूप से आचार्य अरविंद शास्त्री लाक्षागृह बरनावा से पधारे। अंत में प्रवचन में यज्ञ के ब्रह्मचार्य गुरुवचन शास्त्री द्वारा यज्ञ की महिमा का वर्णन किया गया।
बताया कि ऋग्वेद में परमात्मा से मिलन के बारे में जानकारी दी गई। यजुर्वेद में बताया कि मनुष्य के कर्म स्वयं व समाज के लिए कल्याणकारी हों। वहीं, सामवेद वेद मनुष्य के आश्रय में आने की जानकारी देता है। अथर्ववेद में तीनों वेदों का योग है। जिस प्रकार जीवन में विशेषता आती है, जिससे जीव कभी विचलित नहीं होता। अथर्ववेद के प्रथम सूत्र की अंतिम पंक्ति में कहा कि वेदों का कभी विरोध मत करो। वेद ही हमारा धर्म है। वेद सीधे ऋषियों द्वारा परमात्मा से प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में मुकेश त्यागी, प्रदीप त्यागी, कपिल त्यागी, रामचरण शर्मा, सत्यप्रकाश, अमरीश त्यागी, नरेश त्यागी, रामकुमार शर्मा, गोलू त्यागी, अशोक त्यागी, पवन त्यागी, शिवकुमार शर्मा, संजय प्रजापति, राजेंद्र दरोगा व भानू प्रताप समेत अन्य लोग मौजूद रहे।