भावनपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद में बृहस्पतिवार रात बंद मकान में गोवंश का कटान किया जा रहा था। पुलिस ने छापा मारा तो आरोपियों ने पुलिस से हाथापाई कर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक दर्जन आरोपी फायरिंग कर फरार हो गये। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से मीट, चाकू, रस्सा, तराजू और अन्य सामान बरामद किया है।
औरंगाबाद मे कई दिन से पुलिस को गोकशी की सूचना मिल रही थी। जब भी पुलिस पहुंचती तो उससे पहले ही आरोपी फरार हो जाते। बृहस्पतिवार रात को गश्त के दौरान भावनपुर पुलिस को सूचना मिली कि गांव औरंगाबाद निवासी शमशेर सिंह पुत्र बाबू के घर पर गोवंश का कटान किया जा रहा है। इस पर हसनपुर चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार फोर्स के साथ गांव पहुंचे और शमशेर के मकान की घेराबंदी करते हुए छापा मारा। पुलिस को देख एक दर्जन युवक पुलिस को धक्का देकर हवाई फायरिंग कर जंगल की ओर फरार हो गए। जिसके बाद पुलिस ने भी घेराबंदी करते हुए फायरिंग कर दी। पुलिस ने मौके से गांव के ही शाबिर पुत्र इंतजार, अब्दुल हकीम उर्फ कलुवा पुत्र इदरीश और जरीफ पुत्र अशद अली को गिरफ्तार करते हुए मीट और मीट काटने के औजार बलकटी, चार धारदार चाकू, रस्सा, तराजू, बाट, मीट रखने की ट्रे बरामद की। बाद में भावनपुर इंस्पेक्टर मुकेश कुमार भी पहुंच गए। पुलिस ने सभी के खिलाफ गोवंश कटान, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट, बलवा संबंधी गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
मौके से फरार आरोपी
हसनपुर चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनके फरार साथी तौफिक, शाहिद, शौकीन, कलुवा, शाबिर, अलाउद्दीन, इस्तकार, आरीफ, फरमान और गुलाब हैं। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने बरामद मीट गोवंश का बताया है। मीट के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
रात एक बजे के बाद करते थे कटान
पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि वह कई दिन से गोवंश का कटान कर रहे थे। इसमें एक सांड़ को भी चोरी कर लाया गया था। रात में पुलिस न पकड़े इसलिए वह रात्रि एक बजे के बाद ही बंद गाड़ी में गोवंश लाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे भी बरामद किए हैं।
तराजू से तोलकर बेचा जाता था मीट
आरोपियों ने बताया कि तड़के पांच बजे से ही तराजू से तोलकर गोवंश का मीट बेचा जाता था। सुबह छह बजे घर की सफाई कर ताला लगा देते थे। पुलिस मान रही है कि गांव में भी मीट को चोरी छिपे बेचा जा रहा था।