उप्र सरकार के निर्देश पर सभी विभाग शहर की सड़कों के शत प्रतिशत गड्ढे भरने में कामयाब नहीं हो सके। हालांकि 15 जून को विभागों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में अधिकतर सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने की बात कहीं गयी है। यह रिपोर्ट कितनी सही है इसकी गवाही शहर की टूटी सड़कें दे रही हैं। शहर में सुभाष नगर सहित कई ऐसी सड़कें हैं जहां पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। हालांकि अब शासन ने विभागों को 15 दिन का समय और दिया है। अब देखना यह है कि इसी प्रकार सड़कों के गड्ढों को लेकर गेंद एक दूसरे के पाले में डालते रहेंगे या फिर प्राथमिकता के आधार पर सभी सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी। शहर में नगर निगम, एमडीए, पीडब्लूडी, आवास विकास और जल निगम सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम कर रहा है। शहर की सड़कों को खोदकर पिछले तीन साल से पानी और सीवर लाइन का काम चल रहा है। आए दिन पाइप लाइन लीकेज हो रही हैं। इसके कारण शहर की सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त करना विभागीय अधिकारी दूर की कौड़ी मानकर चल रहे हैं।