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गैंगस्टर जीवा हत्याकांड: करीबी के मर्डर के बाद बदले की फिराक में था बद्दो, पश्चिमी उप्र में गैंगवार की आशंका

Mon, 04 Sep 2023 11:11 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

यूपी के कुख्यात बदमाश बदन सिंह बद्दो ने गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या की साजिश रची थी। बद्दो ने 50 लाख रुपये की सुपारी देकर जीवा को मौत के घाट उतरवाया था। यह खुलासा शनिवार को हत्याकांड के मामले में दाखिल की गई चार्जशीट से हुआ है।
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बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। छह साल पहले हरिद्वार में जिस कारोबारी को जीवा ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर मारा था वह मोस्ट वांटेड डॉन बदन सिंह बद्दो का करीबी था। वारदात के बाद से बद्दो ने जीवा को मारने की ठानी थी, लेकिन लगातार जीवा के जेल में रहने की वजह से उसको मौका नहीं मिल रहा था। 

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आखिर में उसने तय किया कि पेशी के दौरान जीवा की हत्या की जाएगी। तब असलम नाम के गुर्गे के जरिये साजिश रची। शूटर को सुपारी दी और जीवा की हत्या करवा बदला लिया। वहीं कनखल की 50 करोड़ की जमीन भी वारदात की बड़ी वजह रही। सात जून को कोर्ट के भीतर पेशी के दौरान जीवा को शूटर ने गोलियों से भून दिया था।

पुलिस ने जौनपुर निवासी शूटर विजय यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसआईटी के पर्यवेक्षण में केस की विवेचना चल रही थी। शनिवार को विवेचक ने शूटर विजय के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2017 में हरिद्वार में जीवा व उसके शूटरों ने मिलकर कंबल कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या कर दी थी। हत्याकांड में जीवा को उम्रकैद की सजा हुई थी। पर, 2021 में हाईकोर्ट से वह इस मामले में बरी हो गया था।
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यह भी पढ़ें: चार्जशीट में बड़ा खुलासा: बदन सिंह बद्दो ने 50 लाख की सुपारी देकर कराई थी गैंगस्टर जीवा की हत्या

जानकारी के मुताबिक गोल्डी बद्दो का करीबी था। करीबी की हत्या के बाद से बद्दो ने जीवा की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। चूंकि जीवा जेल में था, इसलिए उसकी हत्या कराने की साजिश सफल नहीं हो पा रही थी।

करीब डेढ़ साल पहले बद्दो ने तय किया कि अब उसको कोर्ट में आने के दौरान मारा जाएगा। तब उसने असलम से संपर्क किया था। असलम ने विजय यादव को खोजा। सुपारी दी और जीवा को मरवा दिया।

50 करोड़ की जमीन का ये था विवाद 
कनखल में 50 करोड़ रुपये की एक जमीन थी। इस पर जीवा की नजर थी। हरिद्वार के प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी इस जमीन में पेच फंसाए था। सुभाष कुख्यात अपराधी सुशील मूंछ का करीबी है। जीवा ने सुभाष पर उस दौरान दो बार कातिलाना हमला कराए, लेकिन वह दोनों बार बच गया था।

तीसरी बार उसने शूटर के साथ हमला किया तो सुभाष की जगह गोल्डी की हत्या कर दी। जो बद्दो का करीबी था। इन दोनों वजहों से बद्दो और सुशील मूंछ दोनों से जीवा की दुश्मनी गहरी हो गई थी। 
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पश्चिमी उप्र में गैंगवार बढ़ने के आसार
माफिया संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या में बद्दो की भूमिका का खुलासा होने से पश्चिमी उप्र में तीनों माफिया के समर्थकों के बीच गैंगवार बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। बदन सिंह बद्दो, सुशील मूंछ और संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के समर्थकों के बीच तनातनी बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखकर एसटीएफ की पश्चिमी यूपी की यूनिटों को सतर्क रहने को कहा गया है। 

बद्दो के गुर्गों ने शूटर विजय को उत्तराखंड में दी थी हथियार चलाने की ट्रेनिंग
गैंगस्टर जीवा को मौत के घाट उतारने वाले शूटर को बदन सिंह बद्दो के गुर्गों ने असलहा चलाने की ट्रेनिंग दी थी। ट्रेनिंग करीब 15 दिनों तक उत्तराखंड में चली थी। पुख्ता सूत्रों से इसका खुलासा हुआ है। वहीं शूटर कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में भी रहा था। इसमें प्रयागराज और वाराणसी के अलावा लखनऊ भी है। इस दौरान बद्दो के गुर्गे उसके साथ रहे। 

बदन सिंह बद्दो असल किरदार, पर तमाम सवाल अब भी बरकरार
गैंगस्टर जीवा हत्याकांड का असल किरदार बदन सिंह बद्दो सामने आ गया है। पुलिस ने बद्दो को हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता होने का दावा किया है। लेकिन, तमाम सवाल अभी भी बरकरार हैं। जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं, जिससे हत्याकांड की पूरी साजिश की कड़ियां नहीं जुड़ पा रही हैं। कोर्ट में शूटर विजय यादव के खिलाफ दाखिल चार्जशीट से मुख्य साजिशकर्ता को एसआईटी ने बेनकाब किया है। लेकिन अब तक ये नहीं पता चल सका है कि जिस असलम ने बद्दो से शूटर की मुलाकात कराई थी वह कौन है? कहां का रहने वाला है? नेपाल में विजय के संपर्क में कैसे आया? 
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