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यूपी: युवती को बंधक बनाकर गैंगरेप, पुलिस अफसर भी कर बैठे ये बड़ी भूल

Mon, 09 Jul 2018 08:19 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में युवती को बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया। युवती के शोर मचाने पर मामले का खुलासा हुआ। अलग-अलग समुदाय का मामला होने के चलते हरकत में आई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस दौरान पुलिस अफसर भी एक बड़ी भूल कर बैठे।

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देवबंद में नगर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार की देर शाम बेटी दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी। जब वह घर से कुछ दूरी पर पहुंची तो वहां पहले से खड़े पड़ोस में रहने वाले दो युवकों ने उसे पकड़ लिया और जबरन घर में ले जाकर उसे बंधक बना लिया। आरोप है कि वहां कई युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। युवती ने शोर मचाया तो वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। इससे घबराए युवकों ने युवती को एक रजाई में लपेटकर पलंग के नीचे छिपा दिया। इस दौरान लोगों की भीड़ घर में घुस गई जिन्हें देख आरोपी वहां से फरार हो गए। अलग अलग समुदाय का मामला होने के चलते सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। बाद में पुलिस ने छापेमारी करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। 

कोतवाल उमेश कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर कादिर और शाहनवाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस गिरफ्त में आए एक युवक से युवती का पिछले करीब ढाई वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती प्रेमी से मिलने के लिए पहुंची थी। जहां युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
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यूपी पुलिस
उधर, मामले की जानकारी होने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और भाजपा नेता कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। 

महिला पुलिसकर्मी क्यों नहीं ले गए अधिकारी?
युवती को बंधक बनाकर गैंगरेप किए जाने की सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी कायदे कानून ही भूल गए। पुलिस ने जब आरोपियों के घर से युवती को बरामद किया तो वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। जिसके चलते एक एसआई और पुरुष कांस्टेबल युवती को कंधे से सहारा देकर घर से निकाला। जिस पर लोगों ने रोष जताया है। जबकि नियम यह है कि इस तरह के मामलों की सूचना मिलने पर अधिकारी अपने साथ में महिला पुलिसकर्मी लेकर जाते हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।

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