गंगनहर की पटरी (कांवड़ मार्ग) पर कांवड़ियों को सुविधा प्रदान करने के लिए यात्री शेड बनाए जाएंगे। इसके लिए पीडब्लूडी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग का प्रयास है कि इसी कांवड़ मेले के दौरान कांवड़ियों को यात्री शेड की सुविधा मिल जाए।
भाजपा सरकार आगामी 2019 के लोक सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हिंदुत्व कार्ड खेलती नजर आ रही है। पश्चिम उप्र का सबसे बड़ा मेला कांवड़ यात्रा है। इस दौरान उप्र सरकार कांवड़ियों को विशेष सुविधाएं देने की तैयारी कर रही है। पिछले रविवार को शासन से आए अधिकारियों ने गाजियाबाद सीमा से लेकर उत्तरांचल सीमा तक कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उसी दौरान पीडब्लूडी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पटरी पर कम से 20 स्थानों पर शिव भक्तों के आराम करने केे लिए यात्री शेड बनाए जाएं।
पुल और गांवों के आसपास
मुरादनगर से उत्तरांचल सीमा तक 104 किलोमीटर लंबा गंगनहर की पटरी कांवड़ मार्ग है। प्रत्येक पांच किलो मीटर पर एक यात्री शेड बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यात्री शेड की छत लोहे की होगी। सीट पत्थर की डाली जाएंगी। ताकि चोरी होने की संभावनाएं कम रहें। तैयार प्रस्ताव में यह भी ध्यान रखा गया है कि यात्री शेड का कांवड़ मेले के बाद भी प्रयोग रहे। इसलिए इन्हें नहर के पुल और गांवों के पास बनाया जाएगा।
दस लाख से ज्यादा आएगा खर्च
एक यात्री शेड पर 50 हजार से अधिक खर्च आएगा। इसी के आधार पर 20 यात्री शेड निर्माण पर दस लाख रुपये से भी अधिक धनराशि खर्च होगी। शासन से स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।