मेरठ। सफाई के लिए एक महीने से बंद चल रही गंगनहर शनिवार आधी रात को चालू कर दी जाएगी। हरिद्वार से नहर में गंगाजल छोड़ दिया जाएगा। यह 17 नवंबर की सुबह तक भोला की झाल पर पहुंच जाएगा। इसके बावजूद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चालू नहीं हो सकेगा। इसके चलते शहरवासियों को गंगाजल के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
रजबहों और माइनरों की वार्षिक सफाई के लिए गंगनहर को गत 15 अक्तूबर की आधी रात से एक महीने के लिए बंद कर दिया गया था। नहर का पानी पूरी तरह बंद होने के बाद सिंचाई विभाग ने सफाई शुरू करा दी थी। वहीं नहर बंदी के दौरान ही भोला की झाल पर बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की भी सफाई होती है। 20 दिन में होने वाली सफाई के लिए प्लांट को समय से साफ करना पड़ता है। इस बार ऐसा नहीं हो सका। नगर निगम और जल निगम की भुगतान को लेकर चली लंबी रार के बीच डीएम के. बालाजी को आना पड़ा। उनके हस्तक्षेप के बाद नहर की सफाई का काम 19 दिन बाद गत 3 नवंबर को चालू हो सका था। डीएम ने जल निगम की नागर कार्य इकाई को फटकार लगाते हुए प्लांट की सफाई कर 15 दिन के अंदर यानि 18 नवंबर तक चालू करने के निर्देश दिए। हालांकि ऐसा नहीं हो सकेगा। अभी तक प्लांट की सफाई और मरम्मत का काफी काम बाकी है। जल निगम के परियोजना प्रबंधक रमेश चंद्रा का कहना है कि प्लांट की सेटलिंग बेसिन की सफाई हो चुकी है। प्लांट के अंदर काम तेजी से चल रहा है। काम पूरा होते ही प्लांट चालू कर दिया जाएगा।