उल्लू की तस्करी को लेकर वन विभाग अलर्ट पर, निगरानी बढ़ी
हस्तिनापुर। दीपावली पर उल्लू की तस्करी के खतरे की आशंका को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही सेंक्चुअरि क्षेत्र में बाहरी व्यक्ति और तस्करों के मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सेंक्चुअरि के बड़े पेड़ों की निगरानी भी बढ़ाई गई है।
प्रतिवर्ष दिवाली के अवसर पर अपार संपत्ति पाने के लालच में कुछ लोगों द्वारा उल्लू की बलि देने का मामला प्रकाश में आता है। जिसे देखते हुए वन विभाग अलर्ट पर है। वन विभाग ने सेंक्चुअरि क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी है। तंत्र मंत्र के नाम पर बलि चढ़ाने के लिए हस्तिनापुर सेंक्चुअरि क्षेत्र में उल्लू की तलाश में तस्कर सक्रिय हो जाते हैं, जिसे देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सेंक्चुअरि के आसपास के गांवों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। तस्करों की भी सूचना देने को कहा गया है।
उल्लू के शिकार पर है प्रतिबंध
उल्लू का वजन, आकार, रंग, नाखून, पंख के आधार पर उल्लू की कीमत निर्धारित की जाती है। लाखों में बिकने वाले उल्लू की तस्करी के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। वन अधिनियम के तहत उल्लू संरक्षित प्रजाति का पक्षी है, जिसका शिकार दंडनीय अपराध है।
निगरानी बढ़ाई गई
हस्तिनापुर रेंज के रेंजर नवरत्न सिंह का कहना है कि दिवाली पर सेंक्चुअरि क्षेत्र में पुराने पेड़ों पर मौजूद उल्लू की तलाश में तस्करों के आने की संभावना रहती है। वन विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट पर हैं। उल्लू के विचरण वाले इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। उल्लू पकड़ने वाले व्यक्ति को जेल भेजा जाएगा।